केंद्र सरकार ने अपने संगठन में नया फेरबदल किया
राष्ट्रीय खबर
नई दिल्ली: केंद्र सरकार ने अपने प्रमुख नीतिगत थिंक-टैंक, नीति आयोग में बड़े बदलावों की तैयारी कर ली है। पूर्व मुख्य आर्थिक सलाहकार अशोक लाहिड़ी को आयोग का नया उपाध्यक्ष नियुक्त किया जाना तय है। वे सुमन बेरी का स्थान लेंगे, जिन्होंने पिछले चार वर्षों तक इस पद की जिम्मेदारी संभाली है। लाहिड़ी के साथ-साथ, भारतीय विज्ञान शिक्षा एवं अनुसंधान संस्थान, भोपाल के निदेशक गोवर्धन दास को नीति आयोग के सदस्य के रूप में नामित किया जा रहा है। इन नियुक्तियों को आयोग के बहुप्रतीक्षित संगठनात्मक बदलाव के रूप में देखा जा रहा है।
अशोक लाहिड़ी का चयन उनकी गहरी आर्थिक समझ और प्रशासनिक अनुभव को देखते हुए किया गया है। उनके करियर की कुछ प्रमुख उपलब्धियां इस प्रकार हैं। दिल्ली स्कूल ऑफ इकोनॉमिक्स में अध्यापन का अनुभव। विश्व बैंक और अंतरराष्ट्रीय मुद्रा कोष जैसे संस्थानों में अपनी सेवाएं दे चुके हैं। 15वें वित्त आयोग के सदस्य और नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ पब्लिक फाइनेंस एंड पॉलिसी के प्रमुख रहे हैं। वे चुनाव सांख्यिकी के विशेषज्ञों में गिने जाते हैं। उन्होंने 1952 से 1989 तक के चुनावों पर आधारित प्रसिद्ध पुस्तक इंडिया डिसाइड्स का सह-लेखन किया है। वे पश्चिम बंगाल के बालुरघाट से भाजपा विधायक हैं, हालांकि वे 2026 के विधानसभा चुनाव नहीं लड़ रहे हैं।
नीति आयोग के नए सदस्य के रूप में नामित गोवर्धन दास का प्रोफाइल भी काफी प्रभावशाली है। वे जवाहरलाल नेहरू विश्वविद्यालय के पूर्व प्रोफेसर रहे हैं। वे दलित समुदाय से आते हैं, जिससे आयोग में सामाजिक प्रतिनिधित्व को भी मजबूती मिलेगी। राजनीतिक रूप से, उन्होंने 2021 के बंगाल चुनावों में भाजपा के टिकट पर पूर्वस्थली उत्तर क्षेत्र से चुनाव लड़ा था। रिपोर्टों के अनुसार, वे चुनाव बाद हुई हिंसा का भी शिकार हुए थे।
इन नियुक्तियों को केवल प्रशासनिक फेरबदल के तौर पर नहीं, बल्कि एक रणनीतिक कदम के रूप में भी देखा जा रहा है: पश्चिम बंगाल में चल रहे चुनावों के बीच ये दोनों नियुक्तियां बंगाल केंद्रित हैं, जिसे मतदाताओं को लुभाने के प्रयास के रूप में देखा जा रहा है। पिछले महीने बीवीआर सुब्रमण्यम के जाने के बाद से आयोग एक अंशकालिक सीईओ के साथ काम कर रहा था। लाहिड़ी जैसे अनुभवी अर्थशास्त्री के आने से आयोग के कामकाज में नई ऊर्जा आने की उम्मीद है।