ड्रोन आयात का फैसला लेने में भी घूस मांग रहे थे
राष्ट्रीय खबर
नईदिल्लीः केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो ने भ्रष्टाचार के खिलाफ एक बड़ी कार्रवाई करते हुए नागरिक उड्डयन महानिदेशालय के एक वरिष्ठ अधिकारी और एक प्रमुख कॉर्पोरेट समूह के उपाध्यक्ष को गिरफ्तार किया है। यह मामला ड्रोन आयात से जुड़ी फाइलों को मंजूरी देने के बदले 2.5 लाख रुपये की रिश्वत लेने से संबंधित है। सीबीआई ने शनिवार को नई दिल्ली स्थित डीजीसीए मुख्यालय में तैनात वायु योग्यता निदेशालय के उप महानिदेशक मुदावथ देवुला और एक निजी कंपनी के वरिष्ठ उपाध्यक्ष भरत माथुर को रंगे हाथों गिरफ्तार किया।
एजेंसी द्वारा जारी आधिकारिक बयान के अनुसार, डीजीसीए अधिकारी देवुला पर आरोप है कि उन्होंने एक निजी एयरोस्पेस कंपनी से जुड़े आवेदनों और अनुमतियों को स्पष्ट करने के बदले में अवैध रूप से लाभ की मांग की थी। सीबीआई ने इस मामले में 18 अप्रैल 2026 को प्राथमिकी दर्ज की थी। जांच के दौरान यह पाया गया कि डीजीसीए के सार्वजनिक सेवक ने निजी व्यक्तियों से लंबित आवेदनों और स्वीकृतियों को जारी करने के एवज में रिश्वत मांगी थी। छापेमारी के दौरान सीबीआई ने रिश्वत की पूरी राशि यानी 2.5 लाख रुपये को मौके से जब्त कर लिया।
गिरफ्तारी के बाद सीबीआई ने दिल्ली में आरोपियों और उनसे जुड़े निजी व्यक्तियों के विभिन्न ठिकानों पर सघन तलाशी अभियान चलाया। इन छापेमारी के दौरान अधिकारियों को भारी मात्रा में संपत्ति बरामद हुई है। रिपोर्ट के अनुसार, अब तक 37 लाख की नकदी, भारी मात्रा में सोने और चांदी के सिक्के और कई महत्वपूर्ण डिजिटल उपकरण बरामद किए गए हैं। इन डिजिटल उपकरणों की अब विशेषज्ञों द्वारा जांच की जा रही है ताकि भ्रष्टाचार के इस जाल की गहराई का पता लगाया जा सके।
सीबीआई ने स्पष्ट किया है कि इस मामले की जांच अभी जारी है और गिरफ्तार किए गए व्यक्तियों से पूछताछ की जा रही है ताकि यह पता चल सके कि क्या इस सिंडिकेट में डीजीसीए के अन्य अधिकारी या अन्य कंपनियां भी शामिल हैं। ड्रोन तकनीक के बढ़ते उपयोग और इसके आयात से जुड़े कड़े नियमों के बीच, सरकारी नियामक संस्था के इतने बड़े अधिकारी की गिरफ्तारी ने प्रशासनिक गलियारों में हड़कंप मचा दिया है।