Breaking News in Hindi
ब्रेकिंग
Phone Heating Issue: गर्मियों में आपका स्मार्टफोन भी हो रहा है गर्म? ओवरहीटिंग से बचाने के लिए अपनाए... Vaishakh Amavasya 2026 Date: 17 या 18 अप्रैल, कब है वैशाख अमावस्या? दूर करें कन्फ्यूजन, जानें सही ति... Himachali Food for Summer: गर्मियों में ट्राई करें हिमाचल प्रदेश की ये खास डिशेज, स्वाद और सेहत का ह... Himachal Pradesh News: दो पति, एक पत्नी... शादी के 10 महीने बाद गूंजी किलकारी, पिता बनने पर क्या बोल... Indore News: अकेले रह रहे बुजुर्ग की मौत, शव को चूहों ने कुतरा; अंतिम संस्कार से पहले बेटे ने मांगा ... Maharashtra Crime News: टंकियां बनाने वाला राजमिस्त्री कैसे बन गया 'अवतारी बाबा'? पढ़ें ठगी की पूरी ... Amravati Crime News: 500 रुपये में लड़की का जुगाड़ और फ्लैट में सेक्स रैकेट; अमरावती स्कैंडल में खुल... Viral Wedding Drama: मेहंदी की रात दूल्हे की खुली पोल! एक ही मोहल्ले में रहती थीं गर्लफ्रेंड और दुल्... Viral Wedding Drama: मेहंदी की रात दूल्हे की खुली पोल! एक ही मोहल्ले में रहती थीं गर्लफ्रेंड और दुल्... TCS Nashik News: नासिक में TCS अधिकारियों पर धर्मांतरण और यौन उत्पीड़न के गंभीर आरोप, 150 कर्मचारी भ...

Terror Connection: सोशल मीडिया से ब्रेनवॉश… कैसे संदिग्ध हैंडलर के जाल में फंसा अबु बकर? जानें पिता ने क्या कहा

UP News: वाराणसी के आदमपुर थाना क्षेत्र के पठानी टोला इलाके में रहने वाले डॉक्टर आरिफ अंसारी के घर बीते मंगलवार को उत्तर प्रदेश और महाराष्ट्र एटीएस की टीम आईबी अधिकारियों के साथ पहुंची थी. टीम ने उनके 18 वर्षीय बेटे अबु बकर अंसारी से संदिग्ध आतंकी कनेक्शन को लेकर करीब 8 घंटे तक पूछताछ की. इस मामले में अब डॉक्टर आरिफ अंसारी पहली बार सामने आए हैं.

उन्होंने पूरे मामले पर अपना पक्ष रखा है. डाॅ. आरिफ अंसारी ने बताया कि उनका बेटा सोशल मीडिया पर काफी एक्टिव था. इसी दौरान उसने कुछ संदिग्ध हैंडल से किए गए पोस्ट को लाइक किया और उन पर चैट भी की. इसी आधार पर जांच एजेंसियां उनके घर पहुंचीं. उन्होंने स्पष्ट किया कि पूछताछ केवल उनके बेटे से हुई और परिवार के किसी अन्य सदस्य से कोई सवाल-जवाब नहीं किया गया.

22 अप्रैल को मुंबई में फिर होगी पूछताछ

उन्होंने बताया कि पूछताछ के बाद एजेंसियां अबु बकर के दो मोबाइल फोन और एक लैपटॉप अपने साथ ले गईं. डॉक्टर अंसारी के मुताबिक, उनके बेटे को आगे की पूछताछ के लिए 22 अप्रैल को मुंबई बुलाया गया है. उन्होंने कहा कि पूछताछ के दौरान एजेंसियों का व्यवहार पूरी तरह पेशेवर और सहयोगात्मक रहा.

बेटे के ब्रेनवाॅश का प्रयास

डॉक्टर आरिफ अंसारी ने बताया कि उनका बेटा इसी साल 18 वर्ष का हुआ है और फिलहाल नीट परीक्षा की तैयारी कर रहा है. पिछले कुछ महीनों से वह मानसिक तनाव और डिप्रेशन से गुजर रहा था.उनके अनुसार, नवंबर से फरवरी के बीच अबु बकर काफी ज्यादा डिप्रेस्ड था और दवाइयां भी ले रहा था.

इसी दौरान वह सोशल मीडिया पर जरूरत से ज्यादा एक्टिव हो गया. डॉक्टर अंसारी का मानना है कि उसी समय वह गलत लोगों या संदिग्ध हैंडलर के संपर्क में आया होगा. उन्होंने बेटे के ब्रेनवॉश की भी आशंका जताई है. उन्होंने बताया कि 4 मार्च के बाद से उसने सोशल मीडिया से पूरी तरह दूरी बना ली थी.

धार्मिक कट्टरता से कोई संबंध नहीं

बेटे के धार्मिक रुझान को लेकर पूछे गए सवाल पर डॉक्टर अंसारी ने साफ कहा कि अबु बकर किसी तरह के कट्टर धार्मिक विचार वाला नहीं है.उन्होंने बताया कि वह नमाज जरूर पढ़ता है, लेकिन उसका माइंडसेट धार्मिक कट्टरता वाला नहीं है. दोनों बच्चों को कभी मदरसे में नहीं भेजा गया और उनकी पढ़ाई शहर के नामी कॉन्वेंट स्कूलों से हुई है.

अबु बकर ने नीट की तैयारी के लिए एक साल कोचिंग भी ली थी और ऑनलाइन पढ़ाई कर रहा है. घर पर अरबी सिखाने के लिए एक आलिम रखा गया है, जिससे वह थोड़ी-बहुत अरबी जानता है, लेकिन उर्दू बिल्कुल नहीं जानता.

अकेलापन बना बड़ी वजह

डॉक्टर अंसारी ने बातचीत में कहा कि उनके बेटे का कोई खास फ्रेंड सर्किल नहीं है और वह अपनी भावनाएं किसी से साझा नहीं करता. उन्होंने यह भी स्वीकार किया कि उनके और बेटे के बीच कम्युनिकेशन गैप रहा है.

उनका कहना है कि अगर बेटा खेलकूद और सामाजिक गतिविधियों में शामिल रहता, तो शायद परिवार को आज यह दिन नहीं देखना पड़ताच. अकेलेपन की वजह से वह सोशल मीडिया पर जरूरत से ज्यादा समय बिताने लगा, जो इस स्थिति की बड़ी वजह बना.

डाॅक्टर ने कहा- एजेंसियों पर है पूरा भरोसा

डॉक्टर अंसारी ने जांच एजेंसियों पर पूरा भरोसा जताया है. उन्होंने कहा कि वह 1995 बैच के एमबीबीएस डॉक्टर हैं और हनुमान फाटक क्षेत्र में उनकी क्लिनिक है. अपने लंबे करियर में उन्होंने कभी नहीं सोचा था कि उनके परिवार को ऐसी स्थिति का सामना करना पड़ेगा.

उन्होंने सरकार से अपील की है कि बच्चों को सोशल मीडिया से दूर रखने के लिए सख्त प्रावधान किए जाएं. उन्होंने कहा कि अगर मेरा बेटा सोशल मीडिया पर इतना एक्टिव नहीं रहता, तो शायद आज हालात कुछ और होते.