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खाद और लोन के नाम पर किसानों से धोखाधड़ी: सरकारी फाइलों में हुआ आहरण, शिकायत के बाद भी प्रशासन मौन; पीड़ितों ने लगाए गंभीर आरोप

खैरागढ़ : खैरागढ़ जिले में किसानों के हितों की रक्षा के लिए बनाए गए नियमों को दरकिनार करते हुए डोकरभाठा सोसायटी में बड़े फर्जीवाड़े का मामला सामने आया है. किसानों ने सोसायटी प्रबंधक पर गंभीर आरोप लगाए हैं.

किसानों के नाम पर निकाला गया लोन

किसानों के मुताबिक उनके नाम पर बिना जानकारी के सीसी लोन कैश क्रेडिट निकाला गया, वहीं खाद वितरण में भी भारी गड़बड़ी सामने आई है.किसानों का कहना है कि जब वे स्वयं लोन लेने के लिए सोसायटी पहुंचे तब उन्हें पता चला कि उनके नाम पर पहले से ही कर्ज दर्ज है. इससे साफ होता है कि किसी स्तर पर दस्तावेजों का दुरुपयोग कर फर्जी लोन निकाला गया है.

बिना जानकारी किसानों के नाम पर लिया गया खाद

वहीं कई किसानों ने आरोप लगाया कि जब वे खाद लेने पहुंचे तो उन्हें बताया गया कि उनके नाम से पहले ही अधिक मात्रा में खाद उठाया जा चुका है. बड़ा सवाल यह है कि प्रशासन के स्पष्ट निर्देश हैं कि बायोमेट्रिक (अंगूठा लगाकर) ही खाद वितरण किया जाए तो बिना किसान की मौजूदगी के इतनी बड़ी मात्रा में खाद कैसे निकल गई?.

हमने अपना पुराना कर्ज पूरी तरह चुका दिया है. हमारे पास भुगतान की पावती भी है. इसके बाद बैंकों में अब भी हमारे नाम पर कर्ज दर्ज दिख रहा है- डोकराहठा किसान

शिकायत के बाद भी कार्रवाई नहीं

किसानों ने इस मामले में दो बार शिकायत दर्ज कराई लेकिन अब तक न तो जांच की कोई ठोस पहल हुई और न ही दोषियों पर कार्रवाई. इससे किसानों में आक्रोश बढ़ता जा रहा है.किसानों की मांग किसानों ने मांग की है कि इस पूरे मामले की उच्च स्तरीय जांच कराई जाए, दोषियों पर कड़ी कार्रवाई हो और जिन किसानों के नाम पर फर्जी कर्ज चढ़ाया गया है, उसे तत्काल हटाया जाए.

फिलहाल खेती का सीजन सिर पर है और किसान अपनी फसल की तैयारी में जुटे हैं. ऐसे में अगर समय रहते समाधान नहीं हुआ तो इसका सीधा असर खेती और किसानों की आजीविका पर पड़ेगा. अब देखना होगा कि प्रशासन कब तक इस गंभीर मामले पर संज्ञान लेकर किसानों को राहत देता है या फिर शिकायतें इसी तरह फाइलों में दबकर रह जाएंगी.