Breaking News in Hindi
ब्रेकिंग
छतरपुर: उद्घाटन से पहले ही केन नदी पर बने पुल में पड़ी दरारें, निर्माण की गुणवत्ता पर उठे गंभीर सवाल इंदौर से भोपाल तक कांग्रेस की 'युवा स्वाभिमान यात्रा': जीतू पटवारी ने सरकार पर साधा निशाना, शुरू की ... शहडोल स्वास्थ्य व्यवस्था पर फिर उठे सवाल: 108 एंबुलेंस के इंतजार में महिला की मौत, रास्ते में दिया ब... श्योपुर कलेक्टर शीला दाहिमा का सुरीला अंदाज: सावन सांस्कृतिक संध्या में लाइव सिंगिंग ने जीता लोगों क... सीधी: रिश्वत लेते रंगे हाथों पकड़े गए जिला अभियोजन अधिकारी, लोकायुक्त टीम को देख सड़क पर फेंके नोट रतलाम: खेत सीमांकन विवाद से परेशान किसान चढ़ा पानी की टंकी पर, 'शोले' के वीरू जैसा दिखा नजारा Ujjain News: स्कूल कैंपस से निकले छात्र और तालाब में डूबे, जवाहर नवोदय विद्यालय प्रबंधन की लापरवाही ... Jabalpur News: बरसाती नालों और खेतों में निकल रहे मगरमच्छ, वाइल्डलाइफ एक्सपर्ट ने लोगों को दी सतर्क ... Weather Update: दिल्ली में बारिश पर ब्रेक, यूपी-बिहार समेत इन राज्यों में भारी बारिश का अलर्ट इंदौर मर्डर केस: सहायक डाक अधीक्षक उर्मिला सैनी की हत्या के 48 घंटे बाद भी आरोपी पति फरार, परिजनों क...

हंगरी चुनाव में विपक्षी तिस्ज़ा ने बनाई बढ़त

अमेरिकी राष्ट्रपति के बयान के बाद भी हवा उल्टी चल रही

एजेंसियां

बुडापेस्ट: हंगरी में होने वाले संसदीय चुनावों से ठीक पहले प्रधानमंत्री विक्टर ओर्बन की सत्ता को पिछले 16 वर्षों की सबसे बड़ी चुनौती का सामना करना पड़ रहा है। शुक्रवार को नेप्सज़ावा अखबार में प्रकाशित पब्लिकस इंस्टीट्यूट के एक ताजा जनमत सर्वेक्षण (पॉल) के अनुसार, पीटर मग्यार के नेतृत्व वाली मध्य-दक्षिणपंथी तिस्ज़ा पार्टी सत्तारूढ़ फिडेज़ पार्टी से काफी आगे निकल गई है।

आंकड़ों के मुताबिक, तयशुदा मतदाताओं के बीच तिस्ज़ा पार्टी को 52 फीसद समर्थन मिला है, जबकि ओर्बन की फिडेज़ पार्टी को मात्र 39 फीसद मतदाताओं का साथ मिलता दिख रहा है। सभी मतदाताओं के समग्र सर्वेक्षण में तिस्ज़ा 38 फीसद और फिडेज़ 29 फीसद पर है। हालांकि, करीब 25 फीसद मतदाता अभी भी अनिर्णीत हैं, जिससे रविवार को होने वाले चुनाव का परिणाम अनिश्चित बना हुआ है। पीटर मग्यार, जो कभी सरकार के करीबी थे, अब ओर्बन के सबसे कट्टर प्रतिद्वंद्वी बनकर उभरे हैं।

चुनाव प्रचार के अंतिम दौर में अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने भी हंगरी की राजनीति में हस्तक्षेप करते हुए विक्टर ओर्बन का समर्थन किया है। ट्रम्प ने सोशल मीडिया पर वादा किया कि यदि ओर्बन की पार्टी जीतती है, तो वे हंगरी में अमेरिकी आर्थिक शक्ति और निवेश लाएंगे। ट्रम्प प्रशासन लंबे समय से यूरोप में दक्षिणपंथी ताकतों का समर्थन करता रहा है, जो प्रवासन और वोक मूल्यों को एक सभ्यतागत खतरे के रूप में देखते हैं।

दूसरी ओर, ओर्बन ने अपने विरोधियों पर विदेशी खुफिया एजेंसियों के साथ मिलीभगत और अराजकता फैलाने का आरोप लगाया है। उन्होंने कहा कि यह अंतरराष्ट्रीय स्तर पर हंगरी के लोगों के फैसले पर सवाल उठाने की एक संगठित कोशिश है। ओर्बन, जिनके रूस और ट्रम्प के साथ करीबी संबंध रहे हैं, पर यूरोपीय संघ अक्सर लोकतंत्र और कानून के शासन को कमजोर करने का आरोप लगाता रहा है, जिसके कारण हंगरी की अरबों यूरो की फंडिंग भी रोकी गई है। अब सारा दारोमदार रविवार को होने वाले मतदान पर टिका है।