Breaking News in Hindi
ब्रेकिंग
Indore Crime News: इंदौर के इलेक्ट्रॉनिक शोरूम में चोरी करने वाला शातिर चोर गिरफ्तार, नोएडा का पूर्व... Chitrakoot Crime News: चित्रकूट में NEET छात्रा के साथ सामूहिक दुष्कर्म, खुद को वन कर्मी बताकर बदमाश... Amroha Reel Star Marriage: तीन रीलबाज बहनों की एक कैमरामैन से शादी पर नया खुलासा, वीडियो जारी कर दी ... Mumbai Missing Child Case: तीन साल से लापता 8 साल का बच्चा अपने माता-पिता से मिला, मुंबई पुलिस की सू... IMD Weather Alert: देश के कई राज्यों में भारी बारिश का रेड अलर्ट, दिल्ली-यूपी समेत इन इलाकों में झमा... Meerut Snake Bite Murder Case: स्कूल संचालक की सांप से कटवाकर हत्या, पत्नी और ड्राइवर के अवैध संबंधो... Bihar Crime Update: नेवालाल चौक के पास बदमाशों ने कार पर की अंधाधुंध गोलीबारी, गंभीर रूप से घायल हुए... Shahjahanpur Double Murder Case: प्रेम प्रसंग में हुए दोहरे हत्याकांड पर कोर्ट का बड़ा फैसला, 6 दोषिय... Trending News Indore: 'टिंकू जिया' गाने पर डीजे और सिर पर छाता... सोशल मीडिया पर छाया इस मिनिमल बारा... Bhopal Crime News: भोपाल में 17 वर्षीय नाबालिग से दुष्कर्म, SAF के दो कांस्टेबल गिरफ्तार; बर्थडे पार...

Nari Shakti Vandan: 16 अप्रैल से संसद का विशेष सत्र, OBC आरक्षण की मांग ने बढ़ाई सियासी तपिश; आर-पार के मूड में विपक्ष

नारी शक्ति वंदन कानून लेकर पहले ही विपक्ष सीटें बढ़ाने के मामले में दक्षिण भारत को उत्तर भारत के मामले में नुकसान का मुद्दा उठाकर नाराजगी जाहिर कर चुका है. अब आरक्षण में पिछड़े वर्ग की महिलाओं के आरक्षण का मुद्दा उठाकर वो सरकार के लिए नया सिरदर्द पैदा करता दिख रहा है. दरअसल, इस मुद्दे पर इंडिया गठबंधन के कई दल राहुल गांधी पर दबाव बना रहे हैं कि वे सिर्फ ओबीसी (अन्य पिछड़ा वर्ग) के मुद्दे को उठाने तक सीमित न रहें, बल्कि ओबीसी आरक्षण की मांग को भी उतनी ही मजबूती से संसद और जनता के सामने रखें. उनका मानना है कि सामाजिक न्याय की राजनीति को और स्पष्ट तथा प्रभावी बनाने की जरूरत है.

खुद कांग्रेस के ओबीसी विभाग के राष्ट्रीय अध्यक्ष अनिल जयहिंद ने भी यही मांग की है. ऐसे में राहुल गांधी के सामने एक राजनीतिक चुनौती खड़ी हो गई है. यदि वे इस मांग का समर्थन करते हैं, तो उन्हें इसे राष्ट्रीय स्तर पर मजबूती से उठाना होगा. वहीं, अगर वे इससे दूरी बनाते हैं, तो गठबंधन के भीतर असहमति बढ़ सकती है, जिससे विपक्ष की एकजुटता पर असर पड़ सकता है. वैसे खुद भी राहुल गांधी ओबीसी के मुद्दे को हाल में लगातार मजबूती से उठाते आए हैं.

सरकार को दो तिहाई समर्थन चाहिए

वहीं, राजनीतिक समीकरणों की बात करें तो 2023 में लोकसभा में सरकार के पास पर्याप्त संख्या बल था, जिससे वह अपने कई विधेयकों को आसानी से पारित करा सकी. लेकिन अब परिस्थिति थोड़ी अलग दिखाई दे रही है. अब इस महत्वपूर्ण विधेयक को पारित करने के लिए सरकार को दो तिहाई यानी 364 सांसदों का समर्थन चाहिए, जो बिना विपक्ष के सहयोग के जुटाना मुश्किल दिखाई दे रहा है.

विशेष सत्र में हंगामे के आसार

सरकार को जहां विपक्ष का भरोसा जीतना होगा, वहीं विपक्ष भी इस मुद्दे पर अपनी एकजुटता और रणनीति को मजबूत करने की कोशिश करेगा. कुल मिलाकर 16 अप्रैल से फिर तीन दिन के लिए शुरू होने वाले विशेष सत्र में यह एक बड़ा मुद्दा बनने वाला है. इस पर हंगामे के आसार हैं.