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परमाणु हथियारों की बयानबाजी ही गलतः राहुल गांधी

डोनाल्ड ट्रंप की तबाही की धमकी को सीधे चुनौती मिली

  • ऐसी धमकी पूरी तरह गलत ही है

  • व्हाइट हाउस ने स्पष्टीकरण जारी किया

  • भारत के किसी नेता ने विरोध जताया

राष्ट्रीय खबर

नईदिल्लीः लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी ने परमाणु हथियारों के उपयोग और ऐसी बयानबाजी के खिलाफ कड़ी चेतावनी जारी की है। यह बयान अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप द्वारा ईरान को दी गई उस धमकी के बाद आया है, जिसमें उन्होंने कहा था कि आज रात एक पूरी सभ्यता खत्म हो जाएगी।

राहुल गांधी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर एक पोस्ट के माध्यम से अपनी चिंता व्यक्त की। उन्होंने कहा कि आधुनिक दुनिया में ऐसी किसी भी भाषा या कार्रवाई के लिए कोई जगह नहीं है जो सभ्यता के विनाश की बात करती हो। गांधी ने स्पष्ट किया कि परमाणु हथियारों के उपयोग को किसी भी परिस्थिति में कभी भी उचित नहीं ठहराया जा सकता। उन्होंने स्वीकार किया कि युद्ध दुखद हैं और एक वास्तविकता बने हुए हैं, लेकिन मानवीय विनाश की पराकाष्ठा तक पहुँचने वाली बयानबाजी खतरनाक है।

यह विवाद तब शुरू हुआ जब राष्ट्रपति ट्रंप ने ईरान को पर्सियन गल्फ और हॉर्मुज जलडमरूमध्य को फिर से खोलने के लिए मंगलवार रात 8 बजे (अमेरिकी समय) की समयसीमा दी थी। ट्रंप ने ट्रुथ सोशल पर लिखा था, आज रात एक पूरी सभ्यता मर जाएगी, जिसे कभी वापस नहीं लाया जा सकेगा। नागरिक बुनियादी ढांचे पर खतरा: उन्होंने चेतावनी दी थी कि यदि ईरान उनकी शर्तों को नहीं मानता, तो बिजली संयंत्रों और पुलों सहित नागरिक बुनियादी ढांचे पर हमले किए जाएंगे।

तनाव तब और बढ़ गया जब अमेरिकी उपराष्ट्रपति जेडी वेंस ने टिप्पणी की कि वाशिंगटन के पास अपने टूलकिट में ऐसे उपकरण हैं जिनका उपयोग अभी तक नहीं किया गया है। वेंस के इस बयान को कई विश्लेषकों ने परमाणु विकल्प के संकेत के रूप में देखा। हालांकि, व्हाइट हाउस ने इन अटकलों को तुरंत खारिज कर दिया। व्हाइट हाउस के रैपिड रिस्पॉन्स ने स्पष्ट किया कि उपराष्ट्रपति के बयान का अर्थ किसी भी तरह से परमाणु हथियारों का उपयोग नहीं था। यह घटनाक्रम अमेरिका और ईरान के बीच बढ़ते सैन्य तनाव और वैश्विक स्तर पर इसके संभावित विनाशकारी परिणामों की ओर इशारा करता है, जिस पर भारतीय विपक्ष ने अपना कड़ा रुख स्पष्ट किया है।