Breaking News in Hindi
ब्रेकिंग
भारत-न्यूजीलैंड रणनीतिक साझेदारी: पीएम मोदी और क्रिस्टोफर लक्सन की मुलाकात से रिश्तों को मिली नई मजब... अब सस्ता होगा आपका डेली लंच: स्विगी और ज़ोमैटो की 'वैल्यू मील' स्ट्रैटेजी से बदलेगी फूड डिलीवरी की द... Instagram Child Exploitation Case: मेटा के जवाब की जांच शुरू, IT मंत्रालय का बड़ा एक्शन Fingernail Lunula Meaning: नाखूनों पर बने सफेद अर्धचंद्र से जानें अपना भविष्य और भाग्य प्रेगनेंसी में जरूरी पोषण: स्वस्थ मां और बेबी के लिए डाइट में शामिल करें ये 7 सुपरफूड्स केन्या का विलवणीकरण प्लांट का वन्यजीवन में सहयोग ओल्ड राजेंद्र नगर कोचिंग हादसा: CBI ने दाखिल की क्लोजर रिपोर्ट, MCD अधिकारियों को मिली बड़ी राहत Lucknow-Kanpur Expressway: आम जनता के लिए खुला 6-लेन एक्सप्रेस-वे, 120 किमी की रफ्तार से दौड़ेगी गाड़... Ghazipur Crime News: जेवर और पैसों के विवाद में दादी बनी कातिल, मासूम पोते की गला दबाकर हत्या महाकाल मंदिर: सावन और भादौ मास में बदली आरती दर्शन की व्यवस्था, अब और अधिक श्रद्धालु कर सकेंगे दर्शन

ईरान के साफ इंकार के बाद भी व्हाइट हाउस का बयान

शांति प्रस्ताव की बात चीत अभी जारी है

वॉशिंगटन: अमेरिकी प्रशासन और ईरान के बीच तनाव चरम पर है। रिपोर्ट्स के अनुसार, ईरानी शासन ने सार्वजनिक रूप से ट्रंप प्रशासन द्वारा प्रस्तावित 15-सूत्रीय शांति योजना को खारिज कर दिया है, हालांकि निजी तौर पर बातचीत के कुछ संकेत भी मिले हैं। इस पर प्रतिक्रिया देते हुए, व्हाइट हाउस ने बुधवार दोपहर चेतावनी दी कि यदि ईरान समझौता नहीं करता है, तो वह नरक की आग का सामना करने के लिए तैयार रहे।

व्हाइट हाउस की प्रेस सचिव कैरोलिन लेविट ने ब्रीफिंग के दौरान कहा, अगर ईरान मौजूदा वास्तविकता को स्वीकार करने में विफल रहता है और यह नहीं समझता कि वह सैन्य रूप से हार चुका है, तो राष्ट्रपति ट्रंप यह सुनिश्चित करेंगे कि उन पर अब तक का सबसे भीषण हमला हो। उन्होंने जोर देकर कहा कि राष्ट्रपति ट्रंप कोई खाली धमकी नहीं देते।

अमेरिका ने पाकिस्तान के माध्यम से ईरान को एक विस्तृत योजना भेजी है, जिसमें समुद्री मार्गों के साथ-साथ ईरान के परमाणु कार्यक्रम और बैलिस्टिक मिसाइलों का मुद्दा शामिल है। पाकिस्तान के सेना प्रमुख, फील्ड मार्शल सैयद असीम मुनीर, इस कूटनीति में मुख्य मध्यस्थ के रूप में उभरे हैं।

जहाँ एक ओर राष्ट्रपति ट्रंप ने दावा किया है कि ईरान के साथ बहुत अच्छी और उत्पादक बातचीत शुरू हो गई है, वहीं दूसरी ओर ईरान के सैन्य प्रवक्ता इब्राहिम जोलफाघरी ने इन दावों को खारिज करते हुए अमेरिका पर खुद से ही बातचीत करने का तंज कसा है। इसी बीच, इजरायली प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने किसी भी संभावित समझौते से पहले ईरानी हथियार उद्योग को नष्ट करने के लिए 48 घंटे के भीषण हमलों का आदेश दिया है।

दूसरी तरफ जमीनी स्तर पर संघर्ष जारी है। बुधवार को ईरान ने अमेरिकी विमान वाहक पोत अब्राहम लिंकन पर क्रूज मिसाइलें दागने का दावा किया, जबकि इजरायल के तेल अवीव और अन्य हिस्सों में ईरानी मिसाइलों से क्षति हुई है। कुवैत और बहरीन में भी हमलों की खबरें हैं, जिससे क्षेत्र में शांति की संभावनाएं और युद्ध के विस्तार का खतरा साथ-साथ बना हुआ है।