Khalsa Sajna Diwas: खालसा साजना दिवस पर 1763 श्रद्धालुओं का वीजा मंजूर, 10 अप्रैल को अटारी बॉर्डर से पाकिस्तान होगा जत्था रवाना
अमृतसर: खालसा साजना दिवस (बैसाखी) के पावन अवसर पर पाकिस्तान स्थित गुरुद्वारों के दर्शन के लिए जाने वाले सिख श्रद्धालुओं के जत्थे की तैयारियां पूरी कर ली गई हैं। शिरोमणि गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी (SGPC) ने इस संबंध में जानकारी साझा की है।
SGPC के सचिव बलविंदर सिंह काहलवा ने बताया कि इस वर्ष जत्थे के लिए कुल 1795 पासपोर्ट नई दिल्ली स्थित पाकिस्तानी दूतावास को भेजे गए थे, जिनमें से 1763 श्रद्धालुओं को वीजा जारी किया गया है। वीजा लगे पासपोर्ट SGPC कार्यालय पहुंच चुके हैं और श्रद्धालुओं से अपील की गई है कि वे कार्यालय समय के दौरान अपने पासपोर्ट प्राप्त कर लें।
उन्होंने बताया कि जत्था 10 अप्रैल को सुबह 8 बजे SGPC कार्यालय से पूरे सम्मान के साथ पाकिस्तान के लिए रवाना होगा। श्रद्धालुओं को अटारी-वाघा बॉर्डर के रास्ते विशेष बसों के जरिए भेजा जाएगा। शिरोमणि गुरुद्वारा प्रबंधकी कमेटी ने श्रद्धालुओं से अपील की है कि इस यात्रा को केवल धार्मिक भावना और आस्था के रूप में ही देखा जाए, इसे किसी भी तरह से पिकनिक न समझा जाए। यात्रा के दौरान अनुशासन, संयम और पंथक मर्यादा बनाए रखने पर विशेष जोर दिया गया है।
इसके साथ ही यह भी कहा गया है कि पाकिस्तान में किसी भी ऐसी गतिविधि या बयानबाजी से बचा जाए, जिससे सिख समुदाय की छवि को नुकसान पहुंचे या भविष्य में वीजा प्रक्रिया प्रभावित हो। दूतावास द्वारा 32 वीजा रद्द किए जाने पर SGPC ने सुझाव दिया कि यदि किसी श्रद्धालु के दस्तावेजों में कोई कमी हो, तो उसे पत्र या फोन के माध्यम से सूचित किया जाए, ताकि त्रुटि को दूर कर अधिक से अधिक श्रद्धालु गुरुधामों के दर्शन कर सकें। उन्होंने कहा कि बिछड़े गुरुधामों के दर्शन की चाह हर सिख के मन में गहराई से जुड़ी होती है।