अमेरिकी प्रतिबंधों से लगातार बिगड़ रही है देश की अर्थव्यवस्था
एजेंसियां
हवानाः कैरेबियन द्वीप राष्ट्र क्यूबा इस समय अपने आधुनिक इतिहास के सबसे काले आर्थिक दौर से गुजर रहा है। देश की बदहाल अर्थव्यवस्था और कड़े अमेरिकी प्रतिबंधों के दोहरे दबाव के बीच, क्यूबा सरकार ने एक बड़ा कदम उठाते हुए 2,000 से अधिक कैदियों को रिहा करने की घोषणा की है। यह निर्णय केवल एक कानूनी प्रक्रिया नहीं, बल्कि देश के भीतर गहराते मानवीय और वित्तीय संकट का सीधा परिणाम माना जा रहा है।
वर्तमान में क्यूबा भोजन, ईंधन, बिजली और जीवन रक्षक दवाओं की अभूतपूर्व कमी का सामना कर रहा है। सरकारी खजाना खाली होने के कारण जेलों के रख-रखाव, सुरक्षा और कैदियों के दैनिक भरण-पोषण पर आने वाला खर्च सरकार के लिए एक भारी बोझ बन गया था। विश्लेषकों का मानना है कि इस सामूहिक रिहाई के पीछे का एक मुख्य कारण जेलों में क्षमता से अधिक भरी भीड़ को कम करना और सरकारी व्यय में तत्काल कटौती करना है।
क्यूबा के गृह मंत्रालय के अधिकारियों के अनुसार, इस माफी का लाभ केवल उन कैदियों को दिया जा रहा है जिन्होंने अपनी सजा का एक बड़ा हिस्सा पूरा कर लिया है और जेल प्रवास के दौरान अनुशासित व्यवहार दिखाया है। हालांकि, सरकार ने सुरक्षा मानकों से कोई समझौता न करने का दावा किया है। हत्या, बलात्कार, बाल शोषण, नशीले पदार्थों की तस्करी और राज्य की सुरक्षा को खतरे में डालने जैसे जघन्य अपराधों में लिप्त दोषियों को इस माफी योजना से पूरी तरह बाहर रखा गया है। सरकार ने आधिकारिक तौर पर इसे सामाजिक पुनर्गठन और मानवीय दृष्टिकोण से प्रेरित कदम बताया है।
आर्थिक मोर्चे पर, क्यूबा की स्थिति अत्यंत चिंताजनक है। पूर्व अमेरिकी प्रशासन द्वारा लगाए गए कड़े प्रतिबंधों और कोविड-19 महामारी के बाद पर्यटन क्षेत्र में आई भारी गिरावट ने देश के विदेशी मुद्रा भंडार को लगभग सुखा दिया है। मुद्रास्फीति आसमान छू रही है और बुनियादी वस्तुओं के लिए लंबी कतारें आम हो गई हैं। देश के कई हिस्सों में रोजाना घंटों होने वाली बिजली कटौती ने जन असंतोष को चरम पर पहुँचा दिया है, जिसके कारण हाल के वर्षों में कई विरोध प्रदर्शन भी देखे गए हैं।
मानवाधिकार संगठनों ने कैदियों की रिहाई के इस फैसले का स्वागत तो किया है, लेकिन उन्होंने सरकार की मंशा पर सवाल भी उठाए हैं। कई अंतरराष्ट्रीय समूहों ने मांग की है कि सरकार को उन राजनीतिक कैदियों को भी बिना शर्त रिहा करना चाहिए जिन्हें शांतिपूर्ण प्रदर्शनों या वैचारिक मतभेदों के कारण जेल में डाला गया है। कुल मिलाकर, इस फैसले को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर क्यूबा की खराब होती छवि को सुधारने और घरेलू स्तर पर बढ़ते सामाजिक तनाव को कम करने के एक कूटनीतिक प्रयास के रूप में देखा जा रहा है।