Breaking News in Hindi
ब्रेकिंग
गुरुग्राम में मूसलाधार बारिश से सड़कें बनीं दरिया: दिल्ली-जयपुर एक्सप्रेसवे पर लगा भीषण जाम, वर्क फ्... हिल स्टेशन पचमढ़ी में दिल दहला देने वाली वारदात: जंगल में ले जाकर 17 वर्षीय छात्रा से सामूहिक दुष्कर... प्रदर्शनकारियों के साथ हूं, एयरपोर्ट परियोजना रद्दः विजय भारत ने गेंहू भेजने पर लगी रोक अब हटा ली वर्ष 2021 में चूड़ाचांदपुर में सेना काफिले पर हुआ था हमला कर्नाटक के मुख्यमंत्री से मिले उद्योगपति गौतम अडाणी सेनापति में गोलीबारी में सीआरपीएफ जवान घायल अगर विपक्ष नहीं, तो इशारा किसकी तरफ था?: पी. चिदंबरम कांग्रेस ने कहा अब इसरो का गला घोंट रहे मोदी अमेरिका के अंधाधुंध आक्रमण से ईरान की सैन्य क्षमता उजागर

आंध्र प्रदेश के अकीविदु में मंदिर विवाद गहराया

तनाव को देखते हुए इलाके में भारी संख्या में पुलिस तैनात

राष्ट्रीय खबर

हैदराबादः आंध्र प्रदेश के पश्चिम गोदावरी जिले का अकीविदु शहर इस समय एक गंभीर सांप्रदायिक और सामाजिक संघर्ष की दहलीज पर खड़ा है। शहर में उस समय तनाव चरम पर पहुँच गया जब पुलिस ने विभिन्न हिंदू संगठनों के नेताओं और कार्यकर्ताओं को हिरासत में ले लिया। ये कार्यकर्ता शहर में एक स्थानीय देवी के मंदिर स्थल पर भव्य राम मंदिर निर्माण की मांग को लेकर रैली निकालने का प्रयास कर रहे थे।

इस विवाद की जड़ें अकीविदु के पेडापेटा इलाके में स्थित एक पुराने ढांचे से जुड़ी हैं। स्थानीय दलित समुदायों का दावा है कि यह ढांचा मूल रूप से उनकी कुलदेवी गोंथेनम्मा का है। दूसरी ओर, कुछ हिंदू संगठन और स्थानीय नेता इसे राम मंदिर के रूप में स्थापित करना चाहते हैं। तनाव तब हिंसक हो गया जब पिछले सप्ताह श्री राम नवमी के अवसर पर विधानसभा के डिप्टी स्पीकर के. रघु राम कृष्ण राजू इस स्थल पर पहुँचे।

स्थानीय दलित समुदाय ने उनसे आग्रह किया था कि वे वहां स्थापित प्रतिमा पर माल्यार्पण न करें, लेकिन जब उन्होंने ऐसा किया, तो आक्रोशित भीड़ ने जय भीम के नारे लगाते हुए उनके काफिले पर पत्थरों और लाठियों से हमला कर दिया। इस हमले में तीन लोग घायल हो गए थे। इसके बाद से ही हिंदू संगठनों ने विरोध प्रदर्शन और अकीविदु मार्च का आह्वान किया था, जिसे विफल करने के लिए पुलिस ने रविवार को व्यापक घेराबंदी की।

अकीविदु की ओर जाने वाले सभी रास्तों पर पुलिस ने कड़े चेकपोस्ट बनाए हैं। निजी वाहनों के साथ-साथ आरटीसी (RTC) की बसों की भी सघन तलाशी ली जा रही है ताकि बाहरी तत्व शहर में प्रवेश कर शांति भंग न कर सकें। इसी क्रम में, अभिनेत्री कराटे कल्याणी को एलुरु जिले के कायकलुरु में उस समय हिरासत में ले लिया गया जब वे अकीविदु के समर्थन में वहां जा रही थीं।

ह्यूमन राइट्स फोरम की एक हालिया फैक्ट-फाइंडिंग रिपोर्ट ने इस विवाद में एक नया मोड़ ला दिया है। रिपोर्ट के अनुसार, जिस ढांचे को लेकर विवाद है, वह पारंपरिक अर्थों में कोई मंदिर नहीं बल्कि एक सत्र या धर्मशाला है। माना जाता है कि इसका निर्माण 1932 के आसपास हुआ था। रिपोर्ट में दावा किया गया है कि दशकों पहले गोंथेनम्मा मंदिर के संरक्षक की सहमति से वहां राम और सीता की मूर्तियां भी स्थापित की गई थीं।

संगठन का आरोप है कि तेलुगु देशम पार्टी के विधायक और डिप्टी स्पीकर रघु राम कृष्ण राजू कुछ हिंदू संगठनों के साथ मिलकर इस गोंथेनम्मा तीर्थ को पूर्ण रूप से राम मंदिर में बदलने की कोशिश कर रहे हैं, जिससे स्थानीय दलितों की धार्मिक भावनाओं और उनकी परंपराओं को ठेस पहुँच रही है। फिलहाल, मामला अत्यधिक संवेदनशील बना हुआ है और प्रशासन दोनों पक्षों के बीच शांति बहाली के प्रयास कर रहा है।