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LPG vs Electric Cooking: गैस की बढ़ती कीमतों के बीच क्या इंडक्शन है बेहतर विकल्प? जानें हर महीने कितनी होगी बचत

रसोई का खर्च हर घर के बजट का बड़ा हिस्सा होता है. हाल ही में LPG गैस की कमी के कारण कई घरों में इंडक्शन चूल्हे का इस्तेमाल काफी बढ़ गया है. ऐसे में सवाल उठता है कि खाना बनाने के लिए इंडक्शन सस्ता पड़ता है या LPG गैस. बिजली के बढ़ते इस्तेमाल और गैस सिलेंडर की कीमतों के बीच यह तुलना और भी जरूरी हो गई है. सही विकल्प चुनकर आप हर महीने अच्छी बचत कर सकते हैं. आइए समझते हैं कि दोनों में से कौन सा तरीका आपके लिए बेहतर और किफायती है.

LPG गैस का खर्च कैसे तय होता है?

भारत में LPG गैस सिलेंडर की कीमत शहर और सब्सिडी के हिसाब से बदलती रहती है. आम तौर पर एक सिलेंडर 800 से 1100 रुपये के बीच आता है और एक मिडिल क्लास परिवार (3 से 4 सदस्य वाला) में यह 25 से 30 दिन तक चलता है. यानी रोज के हिसाब से देखें तो खाना बनाने का खर्च लगभग 30 से 40 रुपये तक बैठता है. गैस चूल्हा इस्तेमाल करना आसान और पारंपरिक तरीका है, लेकिन इसमें हीट लॉस ज्यादा होता है, जिससे ऊर्जा पूरी तरह इस्तेमाल नहीं हो पाती. इसके अलावा सिलेंडर खत्म होने पर अचानक परेशानी भी हो सकती है, जिससे यह थोड़ा अनिश्चित विकल्प बन जाता है. इसके अलावा LPG सिलेंडर उचित दाम पर लेने के लिए आपके पास गैस कनेक्शन होना भी जरूरी है.

इंडक्शन चूल्हा कितनी खाता है बिजली?

LPG के इतर इंडक्शन चूल्हा बिजली से चलता है और इसमें ऊर्जा का इस्तेमाल ज्यादा कुशल तरीके से होता है. आम तौर पर एक इंडक्शन स्टोव 1500 से 2000 वॉट की बिजली खपत करता है. अगर आप रोज 1 से 1.5 घंटे इसका इस्तेमाल करते हैं, तो महीने में लगभग 60 से 90 यूनिट बिजली खर्च होती है. भारत में औसत बिजली दर 6 से 8 रुपये प्रति यूनिट मानी जाए, तो कुल खर्च करीब 400 से 700 रुपये महीने तक आता है. यानी रोज का खर्च 15 से 25 रुपये के बीच बैठ सकता है, जो LPG से सस्ता हो सकता है. हालांकि यह पूरी तरह आपके इस्तेमाल और बिजली दर पर निर्भर करता है.

कौन है ज्यादा सुरक्षित और आसान ?

इंडक्शन चूल्हा सुरक्षा के मामले में आगे माना जाता है क्योंकि इसमें खुली आग नहीं होती. यह सिर्फ बर्तन के संपर्क में आने पर ही गर्म होता है, जिससे आग लगने का खतरा कम रहता है. वहीं LPG गैस में लीकेज और आग लगने का जोखिम बना रहता है, खासकर अगर सावधानी न बरती जाए. हालांकि गैस चूल्हा हर तरह के बर्तन के साथ काम करता है, जबकि इंडक्शन के लिए खास फ्लैट बेस वाले बर्तन चाहिए होते हैं. इसके अलावा बिजली कटने पर इंडक्शन काम नहीं करता, जबकि गैस चूल्हा ऐसे समय में भी उपयोगी रहता है.

कुकिंग स्पीड और सुविधा में कौन बेहतर ?

इंडक्शन चूल्हा तेज हीटिंग के लिए जाना जाता है और यह गैस के मुकाबले जल्दी खाना बना सकता है. इसमें तापमान कंट्रोल करना आसान होता है, जिससे खाना जलने की संभावना कम होती है. दूसरी तरफ LPG गैस पर पारंपरिक तरीके से खाना बनाना कई लोगों को ज्यादा सुविधाजनक लगता है, खासकर रोटी या पराठा बनाने में. इंडक्शन में कुछ भारतीय व्यंजन बनाना थोड़ा मुश्किल हो सकता है. या अलग से बर्तन खरीदने पड़ सकते हैं जो आपकी लागत बढ़ा सकते हैं.

कौन है ज्यादा किफायती विकल्प?

अगर सिर्फ खर्च की बात करें, तो इंडक्शन चूल्हा ज्यादातर मामलों में LPG गैस से सस्ता पड़ सकता है, खासकर जहां बिजली दर कम है. लेकिन अगर आपके इलाके में बिजली महंगी है या बार-बार बिजली कटौती होती है, तो गैस बेहतर विकल्प रहेगा. सबसे अच्छा तरीका यह है कि दोनों का मिश्रित उपयोग किया जाए. रोजमर्रा के छोटे काम इंडक्शन पर और भारी कुकिंग गैस पर की जाए, जिससे खर्च और सुविधा दोनों का बैलेंस बना रहेगा.