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हरियाणा में ‘शिक्षा का शंखनाद’! अब आपके दरवाजे पर दस्तक देंगे सरकारी शिक्षक, जानिए क्या है सरकार का मास्टर प्लान

चंडीगढ़: हरियाणा में ड्रॉपआउट खत्म करने के लिए शिक्षा विभाग अब मैदान में उतर आया है। नए सत्र 2026-27 के तहत शिक्षक खुद घर-घर जाकर बच्चों और उनके अभिभावकों से संपर्क करेंगे ताकि कोई भी बच्चा स्कूल से बाहर न रहे।

सरकार का लक्ष्य 3 से 18 वर्ष तक के हर बच्चे को स्कूल से जोड़ना है और इसी के लिए प्रवेश उत्सव कार्यक्रम को बड़े स्तर पर लागू किया जा रहा है। हरियाणा को 2030 तक 100 प्रतिशत नामांकन के लक्ष्य के करीब ले जाएगा।

अभियान के तहत सभी जिला शिक्षा अधिकारी, खंड शिक्षा अधिकारी, स्कूल मुखिया और स्कूल प्रबंधन समितियों को स्पष्ट निर्देश दिए गए हैं कि वे अपने अपने क्षेत्र में ड्रॉपआउट बच्चों की पहचान करें और उन्हें दोबारा स्कूल से जोड़ें।

गांव-गांव में जागरूकता चलाकर अभिभावकों को शिक्षा के महत्व के बारे में समझाया जाएगा।   प्रवेश उत्सव को खास बनाने के लिए स्कूलों में अभिभावक शिक्षक बैठकें (पीटीएम), जागरूकता रैलियां और विशेष नामांकन शिविर लगाए जाएंगे। इन आयोजनों के जरिए अभिभावकों की शंकाओं को दूर किया जाएगा और उन्हें सरकारी स्कूलों में मिल रही।