Breaking News in Hindi
ब्रेकिंग
IRCTC Tour: रांची के श्रद्धालुओं के लिए खुशखबरी! भारत गौरव ट्रेन से करें 6 ज्योतिर्लिंगों की यात्रा,... Nalanda Temple Stampede: बिहार के नालंदा में शीतला माता मंदिर में भगदड़, 8 श्रद्धालुओं की दर्दनाक मौ... IPL 2026: रवींद्र जडेजा का इमोशनल पल, लाइव मैच में रोने के बाद 'पुराने प्यार' को किया किस। Honey Singh Concert: हनी सिंह के कॉन्सर्ट में सुरक्षा के साथ खिलवाड़! चेतावनी के बाद भी तोड़े एयरपोर... Financial Deadline: 31 मार्च तक निपटा लें ये 6 जरूरी काम, वरना कटेगी जेब और भरना होगा भारी जुर्माना New IT Rules 2026: बदल जाएंगे डिजिटल नियम, केंद्र सरकार के आदेश को मानना अब सोशल मीडिया के लिए होगा ... Hanuman Ji Puja Rules for Women: महिलाएं हनुमान जी की पूजा करते समय न करें ये गलतियां, जानें सही निय... पुराना मटका भी देगा फ्रिज जैसा ठंडा पानी, बस अपनाएं ये 5 आसान ट्रिक्स। Baisakhi 2026: बैसाखी पर पाकिस्तान जाएंगे 3000 भारतीय सिख श्रद्धालु, ननकाना साहिब और लाहौर के करेंगे... Puducherry Election: पुडुचेरी में INDIA गठबंधन की बढ़ी टेंशन, 'फ्रेंडली फाइट' से बिखर सकता है खेल!

कुवैत के हवाई अड्डे पर ड्रोन हमला हुआ

पहले ही झटके में वहां लगा रडार सिस्टम क्षतिग्रस्त

दोहाः ईरान के साथ बढ़ते क्षेत्रीय संघर्ष की तपिश अब खाड़ी देशों के नागरिक बुनियादी ढांचों तक पहुँचने लगी है। शनिवार को कुवैत अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे को निशाना बनाकर कई ड्रोन हमले किए गए। कुवैत की आधिकारिक समाचार एजेंसी कुना ने देश के नागरिक उड्डयन प्राधिकरण के हवाले से बताया कि इन हमलों में हवाई अड्डे के रडार सिस्टम को गंभीर क्षति पहुँची है। राहत की बात यह रही कि इस हमले में किसी की जान नहीं गई और न ही कोई घायल हुआ।

नागरिक उड्डयन प्राधिकरण के प्रवक्ता ने बाद में स्पष्ट रूप से इन हमलों के लिए ईरान, उसके छद्म संगठनों और उसके द्वारा समर्थित सशस्त्र गुटों को जिम्मेदार ठहराया। यह हमला पिछले कुछ दिनों से जारी हिंसक सिलसिले की अगली कड़ी है। कुवैत के अग्निशमन विभाग के अनुसार, बुधवार को हुए एक पिछले ड्रोन हमले के कारण हवाई अड्डे के ईंधन टैंकों में भीषण आग लग गई थी। इस आग पर काबू पाने के लिए दमकल कर्मियों को लगातार 58 घंटों तक कठिन अभियान चलाना पड़ा, जिसके बाद शनिवार को इसे पूरी तरह बुझाया जा सका।

जैसे-जैसे ईरान के साथ युद्ध का दायरा बढ़ रहा है, तेहरान ने न केवल इजरायल पर सीधे हमले किए हैं, बल्कि उन खाड़ी अरब देशों को भी निशाना बनाना शुरू कर दिया है जहाँ अमेरिकी सैन्य ठिकाने मौजूद हैं। इस युद्ध के कारण पूरे मध्य पूर्व में कई मोर्चे खुल गए हैं। एक ओर इजरायल, लेबनान में ईरान समर्थित हिज्बुल्ला लड़ाकों को निशाना बना रहा है, वहीं दूसरी ओर यमन के हुती विद्रोहियों ने भी ईरान के समर्थन में इजरायल पर मिसाइलें दागनी शुरू कर दी हैं।

क्षेत्रीय सुरक्षा विशेषज्ञों का मानना है कि कुवैत जैसे देशों के नागरिक हवाई अड्डों को निशाना बनाने का उद्देश्य वैश्विक परिवहन और रसद प्रणालियों में व्यवधान पैदा करना है। फिलहाल कुवैत हवाई अड्डे पर सुरक्षा व्यवस्था को और कड़ा कर दिया गया है और रडार प्रणाली की मरम्मत का कार्य युद्ध स्तर पर जारी है ताकि विमानों का आवागमन सामान्य किया जा सके। यह घटना दर्शाती है कि मध्य पूर्व का यह युद्ध अब केवल सैन्य ठिकानों तक सीमित नहीं रह गया है, बल्कि इसका असर आम नागरिकों और अंतरराष्ट्रीय यात्रा मार्गों पर भी पड़ रहा है।