Breaking News in Hindi
ब्रेकिंग
हत्या के मामले में चार पुलिस अफसर सहित आठ गिरफ्तार राष्ट्रपति शी जिनपिंग से मिले नये पीएम आर्मेनिया की शीर्ष अदालत का चुनाव खारिज करने से इंकार जापान में भालू के हमले में एक और संदिग्ध मौत माली के सैन्य ठिकानों पर जोरदार हमला किया ग्रीस के थेसालोनिकी में भीषण दावानल का कहर Greater Noida Robbery: ग्रेटर नोएडा की पॉश सोसायटी में दिनदहाड़े 15 लाख की लूट, सुरक्षा पर उठे सवाल Baruipur Case: बारुईपुर हत्याकांड पर सियासी घमासान, ममता बनर्जी के आवास के बाहर केंद्रीय बल तैनात Kanpur Road Accident: बर्रा एलिवेटेड रोड पर दर्दनाक हादसा, ट्रैफिक सिपाही और ट्रक ड्राइवर की मौत Dehradun Crime News: मामूली एक्सीडेंट के बाद युवक का अपहरण, रातभर बंधक बनाकर दिया थर्ड डिग्री टॉर्चर

अमेरिका और इजरायली हमलों के बाद ईरान ने चेतावनी दी

पड़ोसी देशों से कहा दुश्मन को अपनी जमीन ना दें

तेहरानः ईरानी राष्ट्रपति मसूद पेजेशकियन ने पड़ोसी देशों पर दबाव बढ़ाते हुए एक बार फिर सख्त चेतावनी दी है कि वे अमेरिकी सैन्य ठिकानों की मेजबानी करने वाले अपने क्षेत्र से तेहरान के दुश्मनों को युद्ध चलाने की अनुमति न दें।

शनिवार को सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर जारी एक पोस्ट में उन्होंने स्पष्ट किया, हमने कई बार कहा है कि ईरान पहले हमला नहीं करता है, लेकिन यदि हमारे बुनियादी ढांचे या आर्थिक केंद्रों को निशाना बनाया गया, तो हम कड़ी जवाबी कार्रवाई करेंगे। उन्होंने क्षेत्र के देशों को संबोधित करते हुए कहा, यदि आप विकास और सुरक्षा चाहते हैं, तो हमारे दुश्मनों को अपनी जमीन से युद्ध संचालित न करने दें।

राष्ट्रपति की यह टिप्पणी उन पड़ोसी देशों के लिए एक सीधा संदेश है जो अमेरिकी सैन्य संपत्तियों की मेजबानी कर रहे हैं। इससे पहले बुधवार को ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अराघची ने भी पड़ोसी देशों से अमेरिका से दूरी बनाने का आग्रह किया था। उल्लेखनीय है कि यह संघर्ष 28 फरवरी को तब शुरू हुआ था जब अमेरिका और इजरायल ने ईरान पर हवाई हमले किए थे, जिसमें सर्वोच्च नेता अयातुल्ला अली खामेनेई की मृत्यु हो गई थी, जिससे पूरी दुनिया में हलचल मच गई थी।

एक महीना बीत जाने के बाद भी यह युद्ध थमने का नाम नहीं ले रहा है। इजरायल लगभग दैनिक आधार पर ईरान पर तीव्र हमलों की घोषणा कर रहा है, जबकि तेहरान अपने कट्टर प्रतिद्वंद्वियों के साथ-साथ मध्य पूर्व में अमेरिकी सैन्य संपत्तियों वाले देशों को निशाना बना रहा है। शनिवार तड़के कुवैत के अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे पर कई ड्रोन हमले किए गए, जिससे उसके रडार सिस्टम को काफी नुकसान पहुँचा है। कुवैती अधिकारियों के अनुसार, यह हमला ईरान और उसके समर्थित सशस्त्र गुटों द्वारा किया गया था।

अबू धाबी में भी हमलों के कारण खलीफा आर्थिक क्षेत्र के पास मलबा गिरा, जिससे छह भारतीय लोग घायल हो गए और सुविधाओं को नुकसान पहुँचा। उधर, दुबई में ईरानी सेना ने दावा किया कि उसने एक यूक्रेनी एंटी-ड्रोन सिस्टम डिपो को नष्ट कर दिया है, जो कथित तौर पर अमेरिकी सेना की सहायता कर रहा था। हालांकि, यूक्रेन के विदेश मंत्रालय ने इन दावों का खंडन किया है। ओमान के सलालाह बंदरगाह पर भी दो ड्रोन हमलों में एक व्यक्ति घायल हुआ, जिसके बाद शिपिंग दिग्गज मर्सक ने वहां परिचालन 48 घंटों के लिए निलंबित कर दिया है।

सऊदी अरब के रक्षा मंत्रालय ने भी शनिवार को एक बैलिस्टिक मिसाइल और कई ड्रोन हमलों की सूचना दी, जिन्हें उनके वायु रक्षा तंत्र ने सफलतापूर्वक मार गिराया। इससे पहले शुक्रवार को सऊदी अरब के प्रिंस सुल्तान एयर बेस पर ईरान द्वारा किए गए मिसाइल और ड्रोन हमले में कम से कम 15 अमेरिकी सैनिक घायल हो गए थे, जिनमें से पांच की हालत गंभीर बताई जा रही है। जैसे-जैसे यह संघर्ष अपने दूसरे महीने में प्रवेश कर रहा है, बहरीन जैसे देशों में भी हवाई हमले के सायरन बज रहे हैं, जिससे पूरे क्षेत्र में असुरक्षा का माहौल बना हुआ है।