अमरावती को राजधानी बनाने का प्रस्ताव पारित
राष्ट्रीय खबर
हैदराबादः आंध्र प्रदेश की राजनीति में वर्षों से चली आ रही प्रशासनिक और कानूनी अनिश्चितता को समाप्त करने की दिशा में मुख्यमंत्री एन. चंद्रबाबू नायडू ने शनिवार, 28 मार्च 2026 को एक ऐतिहासिक कदम उठाया। राज्य विधानसभा में सर्वसम्मति से एक प्रस्ताव पारित किया गया, जिसमें केंद्र सरकार से अमरावती को आंध्र प्रदेश की आधिकारिक और वैधानिक राजधानी के रूप में मान्यता देने का आग्रह किया गया है।
इस विशेष सत्र के दौरान मुख्यमंत्री ने जोर देकर कहा कि राजधानी के मुद्दे पर स्थायी कानूनी स्पष्टता केवल आंध्र प्रदेश पुनर्गठन अधिनियम, 2014 में विशिष्ट संशोधनों के माध्यम से ही प्राप्त की जा सकती है। विधानसभा ने केंद्र से इस अधिनियम की धारा 5 में संशोधन करने का अनुरोध किया है, ताकि उप-धारा (2) में स्पष्ट रूप से अमरावती में शब्द जोड़े जा सकें।
इसके अलावा, प्रस्ताव में यह भी मांग की गई है कि अमरावती की कानूनी व्याख्या का विस्तार किया जाए, जिसमें आंध्र प्रदेश राजधानी क्षेत्र विकास प्राधिकरण अधिनियम, 2014 के तहत अधिसूचित सभी क्षेत्रों को शामिल किया जाए।अमरावती परियोजना: मुख्य तथ्य और निवेशअमरावती को एक विश्व स्तरीय ब्लू-ग्रीन सिटी के रूप में विकसित करने का लक्ष्य रखा गया है।
इस महत्वाकांक्षी परियोजना से जुड़े कुछ प्रमुख बिंदु इस प्रकार हैं:जनभागीदारी: लगभग 30,000 किसानों ने अपनी 34,000 एकड़ उपजाऊ भूमि स्वेच्छा से लैंड पूलिंग के तहत दी है, जिसे मुख्यमंत्री ने अभूतपूर्व बलिदान बताया।परियोजना की लागत: इस परियोजना की अनुमानित लागत लगभग 64,000 करोड़ रुपये है।वित्तीय सहायता: * केंद्र सरकार: केंद्र ने 15,000 करोड़ रुपये के विशेष पैकेज की प्रतिबद्धता जताई है, जिसमें से अब तक करीब 4,200 करोड़ रुपये जारी किए जा चुके हैं।
विश्व बैंक और एशियाई विकास बैंक ने मिलकर लगभग 13,500 करोड़ रुपये (1.6 बिलियन डॉलर) के ऋण को मंजूरी दी है। हुडको ने बुनियादी ढांचे को गति देने के लिए 11,000 करोड़ रुपये की क्रेडिट लाइन प्रदान की है।मुख्यमंत्री नायडू ने सदन को संबोधित करते हुए कहा कि 2028 तक राजधानी को पूर्ण आकार दे दिया जाएगा।
उन्होंने पूर्ववर्ती सरकार की तीन राजधानी वाली नीति की आलोचना करते हुए स्पष्ट किया कि अमरावती ही राज्य की एकमात्र और स्थायी राजधानी रहेगी। विधानसभा अध्यक्ष ने इस प्रस्ताव को अब राज्यसभा के सभापति, लोकसभा अध्यक्ष और केंद्रीय गृह मंत्री को आगे की कार्रवाई के लिए भेज दिया है।