Breaking News in Hindi
ब्रेकिंग
Jharkhand CBSE 10th Toppers: कोल्हान में जम्पाना श्रेया का जलवा! 10वीं में किया टॉप, एक क्लिक में दे... Jharkhand CBSE 10th Toppers: कोल्हान में जम्पाना श्रेया का जलवा! 10वीं में किया टॉप, एक क्लिक में दे... Jharkhand Crime: धनबाद में दिनदहाड़े गैंगवार! कोयला कारोबारी की गाड़ी पर अंधाधुंध फायरिंग, गोलियों क... Jharkhand Crime: खूंटी में दरिंदगी! आदिवासी बच्ची के साथ दुष्कर्म कर आरोपी हुआ फरार, पॉक्सो एक्ट के ... Jharkhand High Court Action: बोकारो के चर्चित 'पुष्पा केस' में हाईकोर्ट की बड़ी सख्ती! DNA जांच के ल... Dhanbad Crime News: एंबुलेंस के जरिए हो रही थी अवैध शराब की तस्करी, पुलिस ने किया बड़ा खुलासा; चालक ... Jharkhand News: ट्रेजरी घोटाले के बाद प्रशासन सख्त, होमगार्ड्स के वेतन निकासी को लेकर नई गाइडलाइंस ज... Jharkhand Crime: दुमका में विवाहिता की मौत पर सनसनी! पिता की FIR के बाद एक्शन में आई पुलिस, आरोपी दा... CG Crime News: धमतरी में सरेआम गुंडागर्दी! पेशी पर आए राजस्थान के युवकों की दौड़ा-दौड़ाकर पिटाई, दुक...

हरियाणा में भी सरकारी धन के दुरुपयोग का मामला

कोटक महिंद्रा बैंक में 150 करोड़ की गड़बड़ी

  • फिक्स्ड डिपोडिट से जुड़ा है मामला

  • नगर निगम के रिकार्ड में मेल नहीं

  • मामले की पुलिस जांच जारी की गयी

राष्ट्रीय खबर

चंडीगढ़: हरियाणा सरकार के सामने बैंक फिक्स्ड डिपॉजिट से जुड़ा एक और बड़ा वित्तीय घोटाला सामने आया है। इस बार, सरकार ने पंचकूला नगर निगम द्वारा कोटक महिंद्रा बैंक में जमा की गई लगभग 150 करोड़ रुपये की एफडी राशि में भारी विसंगति पाई है। नगर निगम के रिकॉर्ड और बैंक के रिकॉर्ड के बीच मेल न होने के कारण प्रशासन में हड़कंप मच गया है।

द ट्रिब्यून की एक रिपोर्ट के अनुसार, पंचकूला नगर निगम ने यह भारी-भरकम राशि पंचकूला के सेक्टर 11 स्थित कोटक महिंद्रा बैंक की शाखा में जमा कराई थी। इस धोखाधड़ी का खुलासा तब हुआ जब हाल ही में नगर निगम के अधिकारी ₹58 करोड़ की एक सावधि जमा की परिपक्वता के संबंध में बैंक पहुंचे। अधिकारियों को उस समय गहरा सदमा लगा जब बैंक प्रबंधन ने उन्हें बताया कि उनके रिकॉर्ड में ऐसी किसी एफडी का कोई अस्तित्व ही नहीं है।

इस प्रारंभिक खुलासे के बाद जब नगर निगम के सभी खातों और जमा राशियों की गहन जांच की गई, तो पता चला कि यह विसंगति केवल 58 करोड़ तक सीमित नहीं है, बल्कि कुल गड़बड़ी 150 करोड़ रुपये से भी अधिक की है। रिपोर्ट के अनुसार, निगम के कागजों में जो पैसा सुरक्षित जमा दिखाया जा रहा था, वह बैंक के सिस्टम से गायब है।

हरियाणा सरकार ने इस मामले को गंभीरता से लेते हुए विस्तृत जांच के आदेश दिए हैं। आशंका जताई जा रही है कि बैंक के कुछ कर्मचारियों और बाहरी बिचौलियों ने मिलकर नगर निगम के फंड के साथ यह जालसाजी की है। यह घटना सरकारी निकायों द्वारा सार्वजनिक धन के प्रबंधन और बैंकों की सुरक्षा प्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े करती है।