Breaking News in Hindi
ब्रेकिंग
चेहरे पर बार-बार निकलते हैं मुंहासे? रोजमर्रा की ये 5 गलतियां बढ़ा रही हैं पिंपल्स की समस्या नारी शक्ति को नई ताकत: NSG ने शुरू किया पहला महिला कमांडो कन्वर्जन कोर्स, 12 हफ्ते की कड़ी ट्रेनिंग हिमाचल की जेलों में क्षमता से 30% अधिक कैदी: CM सुक्खू ने विधानसभा में पेश किए आंकड़े, दो-तिहाई विचा... महाराष्ट्र में महामंडलों के बंटवारे पर महायुति की अहम बैठक: विधायकों की संख्या तय करेगी फॉर्मूला, DP... आदिवासी छात्रों के मुद्दे पर राहुल गांधी और BJP आमने-सामने: फडणवीस को लिखा पत्र, बीजेपी बोली- 'कांग्... जामिया मिलिया इस्लामिया में एडमिशन पर भारी बवाल: NSUI और SFI का प्रदर्शन, स्पॉट एडमिशन में धांधली का... टीएमसी में बागियों की घर वापसी: अमदंगा विधायक कासिम सिद्दीकी लौटे ममता खेमे में, बोले- 'दीदी के नाम ... यूट्यूब पर 'सीक्रेट हाउस' गेम देखकर मेरठ से लापता हुए दो बच्चे: ईंट भट्ठे पर 24 घंटे छिपने का लिया थ... स्कूल यूनिफॉर्म के साथ हिजाब की अनुमति नहीं: इलाहाबाद हाईकोर्ट ने खारिज की छात्रा की याचिका, दिया बड... मऊगंज के अलहौवा गांव में दिल दहला देने वाली वारदात: ईद मिलादुन्नबी की तैयारी कर रहे लोगों पर पेट्रोल...

राहुल गांधी ने नरेंद्र मोदी को नये सिरे से घेरा

कोविड 19 से पश्चिम एशिया संकट की तुलना पर प्रतिक्रिया

राष्ट्रीय खबर

नई दिल्लीः कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने बुधवार को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा संसद में पश्चिम एशिया की स्थिति पर दिए गए बयान में कोविड-19 का संदर्भ देने पर तीखा हमला बोला। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री शायद भूल गए हैं कि महामारी के दौरान क्या हुआ था और उस समय किस तरह की त्रासदियां सामने आई थीं।

राहुल गांधी ने आरोप लगाया कि भारत की विदेश नीति मोदी की व्यक्तिगत विदेश नीति बन गई है, जिसे दुनिया भर में एक मजाक माना जा रहा है। संसद भवन परिसर में पत्रकारों से बात करते हुए गांधी ने कहा, अगर प्रधानमंत्री की स्थिति कमजोर  है, तो हमारी विदेश नीति भी कमजोर है।

जब उनसे अमेरिका-इजरायल और ईरान के बीच पाकिस्तान के मध्यस्थ होने की खबरों और इस संकट पर भारत के रुख के बारे में पूछा गया, तो लोकसभा में विपक्ष के नेता ने कहा, हमारी विदेश नीति पीएम मोदी की निजी विदेश नीति है। आप इसके परिणाम देख सकते हैं, हर कोई इसे एक वैश्विक मजाक मानता है। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप अच्छी तरह जानते हैं कि मिस्टर मोदी क्या कर सकते हैं और क्या नहीं।

राहुल गांधी ने आगे कहा, कल उन्होंने (मोदी ने) एक अप्रासंगिक भाषण दिया। वे भारत के प्रधानमंत्री हैं, उन्हें वैसा दिखना भी चाहिए, लेकिन उनकी कोई स्थिति नहीं रह गई है। यह दुखद है कि इससे लोगों को नुकसान होगा। यह तो बस शुरुआत है—एलपीजी, पेट्रोल, उर्वरक, ये सभी समस्याएं पैदा करेंगे। मोदी जी ने कहा कि कोविड-19 जैसा समय आ रहा है। वे भूल गए हैं कि तब क्या हुआ था, कितने लोग मारे गए थे और कैसी भयावह स्थिति पैदा हुई थी। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार को ऐसे मुद्दों की कोई समझ नहीं है।

गांधी ने बताया कि वे केरल में एक कार्यक्रम के कारण बुधवार को पश्चिम एशिया पर होने वाली सर्वदलीय बैठक में शामिल नहीं हो पाएंगे। उन्होंने कहा, उन्होंने सर्वदलीय बैठक बुलाई है, बहस होनी चाहिए, लेकिन आपने एक संरचनात्मक गलती की है जिसे सुधारा नहीं जा सकता। मैं आपको लिखित में दे सकता हूँ कि प्रधानमंत्री वही करेंगे जो अमेरिका और इजरायल कहेंगे। वे भारत और उसके किसानों के हित में काम नहीं करेंगे।

गौरतलब है कि प्रधानमंत्री मोदी ने सोमवार को कहा था कि पश्चिम एशिया संघर्ष के कारण उत्पन्न कठिन वैश्विक परिस्थितियां लंबे समय तक बनी रह सकती हैं। उन्होंने राष्ट्र से एकजुट रहने का आह्वान करते हुए इसकी तुलना कोविड काल से की थी। मोदी ने कहा था, हमने कोविड संकट के दौरान एकजुटता के साथ समान चुनौतियों का सामना किया था। अब फिर से हमें उसी तरह तैयार रहना चाहिए। धैर्य और संयम हमारी ताकत है।