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लोकसभा के बाद राज्यसभा में भी बोले प्रधानमंत्री

मध्यपूर्व के युद्ध के असर पर जानकारी दी

  • दोबारा से एकजुटता की बात कही

  • जमाखोरी के खिलाफ सतर्क किया

  • वहां फंसे भारतीयों पर भी ध्यान

राष्ट्रीय खबर

नईदिल्लीः प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने मध्य पूर्व (मिडल ईस्ट) में जारी संघर्ष पर राज्यसभा को संबोधित किया। इससे पहले सोमवार को, प्रधानमंत्री मोदी ने अमेरिका-इजरायल और ईरान के बीच बढ़ते तनाव के प्रभाव और इससे भारत के सामने पैदा हुई चुनौतियों के संबंध में नागरिकों की चिंताओं पर चर्चा की थी। लोकसभा में बोलते हुए, प्रधानमंत्री ने सभी राजनीतिक दलों और सरकारों से एकजुट रहने का आग्रह किया।

राज्य सरकारों को सतर्क रहने की सलाह देते हुए उन्होंने कहा कि इस तरह के संकट के समय जमाखोरों जैसे तत्व सक्रिय हो जाते हैं। इस समस्या से निपटने के लिए कड़ी निगरानी और त्वरित कार्रवाई की अत्यंत आवश्यकता है। प्रधानमंत्री मोदी ने जोर देकर कहा, संकट के इस समय में विदेशों में रहने वाले भारतीयों की सुरक्षा हमारी सर्वोच्च प्राथमिकता बनी हुई है। संघर्ष की शुरुआत से अब तक 3.75 लाख से अधिक भारतीय सुरक्षित स्वदेश लौट चुके हैं।

उन्होंने आगे जानकारी दी कि, अकेले ईरान से 1,000 से अधिक भारतीय वापस आ चुके हैं, जिनमें 700 से अधिक मेडिकल छात्र शामिल हैं। इन चुनौतीपूर्ण समय में हमारी सरकार अत्यंत संवेदनशीलता और तत्परता के साथ कार्य कर रही है। हमें विदेशों में रह रहे भारतीयों की सुरक्षा के संबंध में सभी संबंधित देशों से आश्वासन प्राप्त हुआ है।

प्रधानमंत्री ने दुख जताते हुए कहा, दुर्भाग्यवश, इन घटनाओं के दौरान कुछ भारतीयों ने अपनी जान गंवाई है या वे घायल हुए हैं। हम इस कठिन समय में प्रभावित परिवारों को हर संभव आवश्यक सहायता प्रदान कर रहे हैं। इसके अतिरिक्त, हम यह सुनिश्चित कर रहे हैं कि जो लोग घायल हुए हैं, उन्हें बेहतर से बेहतर चिकित्सा उपचार मिल सके।