Breaking News in Hindi
ब्रेकिंग
पनीर के बैक्टीरिया पेट की सेहत के लिए वरदान दिल्ली पेलेट गन मामले में पहली FIR दर्ज: राहुल गांधी के 8 घंटे धरने के बाद BNS 118 व 125 में केस एक शब्द का गलत प्रयोग और मोदी की परेशानी पेलेट गन मामले में FIR की मांग पर संसद मार्ग थाने में धरने पर बैठे राहुल गांधी, BJP का पलटवार मसूरी-कैंपटी रोड पर भूस्खलन का कहर: सांझा दरबार के पास मकान और दुकान पूरी तरह ध्वस्त दिल्ली में प्रदूषण पर बड़ा एक्शन: 2,011 फैक्ट्रियों की जांच, 33 पर क्लोजर ऑर्डर और 44 पर लगा भारी जु... 'प्रति व्यक्ति आय में भारत बांग्लादेश से भी पिछड़ा': अरविंद केजरीवाल का केंद्र सरकार पर बड़ा हमला 26/11 मुंबई हमला: हाफिज सईद और लखवी समेत 6 भगोड़ों पर चलेगा इन-एब्सेंटिया ट्रायल, MHA ने इंटरपोल से ... दिमागी नक्सल का वायरस कोलकाता भी आ पहुंचा सहारनपुर में व्यक्ति की चोटी काटकर की मारपीट: फसल पर चलाया ट्रैक्टर, SSP ऑफिस पहुंचे ब्राह्मण समाज क...

नागरिक उड्डयन मंत्रालय ने अपना पूर्व का फैसला बदला

विमान टिकटों पर दिया निर्देश वापस ले लिया

राष्ट्रीय खबर

नईदिल्लीः केंद्र सरकार ने 23 मार्च, 2026 से घरेलू हवाई किरायों की ऊपरी सीमा को वापस लेने का आदेश जारी किया है। इंडिगो एयरलाइंस के पायलट संकट और हजारों उड़ानें रद्द होने के बाद दिसंबर 2025 में टिकटों की कीमतों में भारी उछाल को रोकने के लिए ये कैप लगाए गए थे। मंत्रालय ने स्पष्ट किया है कि यदि भविष्य में एयरलाइंस ने कीमतों में अनुचित बढ़ोतरी की, तो सरकार दोबारा नियामक हस्तक्षेप या नियंत्रण लागू कर सकती है।

नागरिक उड्डयन मंत्रालय ने शनिवार को जारी अपने आदेश में कहा कि देश भर में विमानन परिचालन अब स्थिर हो गया है और उड़ानों की क्षमता पूरी तरह बहाल हो चुकी है। यह फैसला उन यात्रियों और एयरलाइंस के लिए महत्वपूर्ण है जो पिछले कई महीनों से सरकारी नियंत्रण के तहत काम कर रहे थे। मंत्रालय ने महानिदेशालय नागरिक उड्डयन को पूरे क्षेत्र में हवाई किरायों की रियल-टाइम निगरानी करने का निर्देश दिया है।

हवाई किरायों पर यह नियंत्रण 6 दिसंबर, 2025 को तब लागू किया गया था जब देश की सबसे बड़ी एयरलाइन, इंडिगो में पायलट-रोस्टरिंग संकट के कारण हजारों उड़ानें रद्द करनी पड़ी थीं। इस व्यवधान के चलते व्यस्त मार्गों पर टिकटों की कीमतें असामान्य रूप से बढ़ गई थीं, जिससे आम यात्रियों के हितों को भारी नुकसान पहुँच रहा था। उस समय सरकार ने हस्तक्षेप करते हुए दूरी के आधार पर किराए तय किए थे। उदाहरण के तौर पर, 500 किमी तक की उड़ानों के लिए इकोनॉमी क्लास का किराया 7,500 रुपये और दिल्ली-मुंबई जैसे लंबे मार्गों (1500 किमी से अधिक) के लिए अधिकतम 18,000 रुपये निर्धारित किया गया था।

किराया नियंत्रण हटाने के साथ ही सरकार ने एयरलाइंस को कड़ी चेतावनी भी दी है। मंत्रालय ने स्पष्ट किया है कि एयरलाइंस को मूल्य निर्धारण में अनुशासन बनाए रखना होगा और बाजार की स्थितियों के अनुसार पारदर्शी तरीके से काम करना होगा। सरकार ने चेतावनी दी है कि पीक सीजन, त्योहारों या किसी भी आपातकालीन व्यवधान के दौरान टिकटों की कीमतों में अनुचित वृद्धि को गंभीरता से लिया जाएगा। नागरिक उड्डयन मंत्रालय ने अपने पास यह अधिकार सुरक्षित रखा है कि यदि जनहित में आवश्यक हुआ, तो वह फिर से किराया नियंत्रण या अन्य प्रशासनिक उपाय लागू कर सकता है।

विशेषज्ञों का मानना है कि किराया कैप हटने से एयरलाइंस को अपनी मांग और आपूर्ति के आधार पर कीमतें तय करने की आजादी मिलेगी, जिससे प्रतिस्पर्धा बढ़ सकती है। हालांकि, यात्रियों के लिए चिंता का विषय यह है कि छुट्टियों या त्योहारों के दौरान किराए फिर से आसमान छू सकते हैं। मंत्रालय ने आश्वासन दिया है कि वह कीमतों के रुझानों पर कड़ी नजर रखेगा ताकि किसी भी प्रकार की लूट-खसोट को रोका जा सके। यह कदम विमानन क्षेत्र को फिर से मुक्त बाजार की दिशा में ले जाने का एक प्रयास है, बशर्ते कंपनियां जिम्मेदारी से व्यवहार करें।