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अंतरिक्ष में बन रही है ग्रहों की अनोखी जुगलबंदी

शुक्र और बृहस्पति का महामिलन बन रहा

  • खगोलीय स्थिति और वैज्ञानिक महत्व

  • दोनों की संरचना बिल्कुल अलग ही है

  • जून में यह सबसे करीब होंगे आपस में

राष्ट्रीय खबर

रांचीः मार्च 2026 की सबसे रोमांचक खगोलीय घटनाओं में से एक, शुक्र और बृहस्पति का महा-मिलन, खगोलविदों और आकाश प्रेमियों के लिए एक अद्भुत दृश्य प्रस्तुत कर रहा है। वैज्ञानिक शब्दावली में इसे संयुग्मन कहा जाता है। यद्यपि ये दोनों ग्रह अंतरिक्ष में एक-दूसरे से करोड़ों किलोमीटर की दूरी पर स्थित हैं, लेकिन पृथ्वी से देखने पर ये एक ही सीधी रेखा में और अत्यंत निकट प्रतीत होते हैं।

सौरमंडल के दो सबसे चमकीले ग्रह, शुक्र और बृहस्पति, अपनी-अपनी कक्षाओं में घूमते हुए मार्च 2026 के उत्तरार्ध से ही एक-दूसरे की ओर बढ़ते दिखाई दे रहे हैं। शुक्र, जिसे भोर का तारा या सांझ का तारा भी कहा जाता है, अपनी घनी कार्बन डाइऑक्साइड की परतों के कारण सूर्य के प्रकाश को सबसे अधिक परावर्तित करता है। वहीं, बृहस्पति सौरमंडल का सबसे बड़ा गैस दानव  है, जिसका विशाल आकार उसे आकाश में अत्यधिक दीप्तिमान बनाता है।

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इस घटना का मुख्य आकर्षण इनका कोणीय अलगाव है। जून 2026 में होने वाले अपने चरम समागम से पहले, मार्च और अप्रैल के दौरान ये ग्रह एक-दूसरे के इतने करीब आ जाएंगे कि वे एक ही दूरबीन के दृश्य क्षेत्र में समा सकेंगे। खगोल भौतिकी के नजरिए से, यह घटना ग्रहों की कक्षाओं की सटीकता और गुरुत्वाकर्षण के प्रभाव को समझने का एक बेहतरीन अवसर प्रदान करती है।

इस अद्भुत नजारे को देखने के लिए किसी विशेष उपकरण की आवश्यकता नहीं है, इसे नग्न आंखों से भी स्पष्ट रूप से देखा जा सकता है। सूर्यास्त के ठीक बाद, पश्चिमी क्षितिज की ओर देखने पर शुक्र सबसे पहले चमकता हुआ दिखाई देगा, जिसके ठीक ऊपर या बगल में बृहस्पति अपनी स्थिर और सुनहरी रोशनी के साथ मौजूद होगा। शहरी क्षेत्रों में प्रकाश प्रदूषण के बावजूद ये दोनों ग्रह अपनी अत्यधिक चमक के कारण आसानी से पहचाने जा सकते हैं। वैज्ञानिकों का सुझाव है कि यदि आप इसे किसी छोटी टेलिस्कोप से देखते हैं, तो आप शुक्र की कलाएं और बृहस्पति के चार सबसे बड़े चंद्रमाओं को भी एक साथ देख पाएंगे।

यह खगोलीय जुगलबंदी केवल एक दृश्य सुख नहीं है, बल्कि यह हमारे ब्रह्मांड की विशालता और ग्रहों की नियमित गति का एक जीवंत प्रमाण है। 2026 का यह मिलन पिछले कई वर्षों की तुलना में अधिक स्पष्ट और लंबे समय तक दिखने वाला है, जो इसे इस दशक की महत्वपूर्ण खगोलीय घटनाओं में से एक बनाता है।

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