परमाणु तबाही की दहलीज पर खड़ी है दुनिया
मास्को: मध्य पूर्व में जारी संघर्ष ने अब एक ऐसा मोड़ ले लिया है जो पूरी दुनिया के लिए रेडियोधर्मी खतरे की घंटी बजा रहा है। रूस ने बुधवार को ईरान के बुशहर परमाणु ऊर्जा संयंत्र के बेहद करीब हुए मिसाइल हमले की कड़े शब्दों में निंदा की है। रूसी विदेश मंत्रालय के अनुसार, यह हमला मुख्य रिएक्टर से महज कुछ मीटर की दूरी पर हुआ, जो एक बड़ी परमाणु त्रासदी का कारण बन सकता था।
रूसी विदेश मंत्रालय की प्रवक्ता मारिया ज़खारोवा ने एक प्रेस ब्रीफिंग के दौरान अमेरिका और इज़राइल को सीधे तौर पर निशाने पर लिया। उन्होंने इस हमले को गैर-जिम्मेदाराना और पूरी तरह से अस्वीकार्य करार दिया। ज़खारोवा ने चेतावनी देते हुए कहा, बुशहर संयंत्र के आंतरिक घेरे में, एक चालू रिएक्टर से कुछ ही मीटर की दूरी पर मिसाइल दागना पूरे मध्य पूर्व के लिए अस्वीकार्य रेडियोलॉजिकल जोखिम पैदा करता है। रूस ने स्पष्ट किया कि परमाणु सुविधाओं पर इस तरह के हमले भविष्य में अप्रत्याशित और विनाशकारी परिणाम ला सकते हैं।
बुशहर परमाणु संयंत्र केवल ईरान की ऊर्जा जरूरतों का केंद्र नहीं है, बल्कि यह रूस और ईरान के बीच गहरे तकनीकी सहयोग का प्रतीक भी है। इस संयंत्र का निर्माण रूस ने किया है और वर्तमान में इसके संचालन के साथ-साथ विस्तार में भी रूसी विशेषज्ञ अहम भूमिका निभा रहे हैं। यही कारण है कि इस क्षेत्र में होने वाली कोई भी सैन्य गतिविधि मास्को को सीधे तौर पर प्रभावित करती है। रूस ने अंतरराष्ट्रीय समुदाय से अपील की है कि वे अमेरिका और इज़राइल को ईरान की परमाणु संपत्तियों पर हमला करने से रोकें।
मंगलवार को हुए इस हमले के तुरंत बाद, ईरान ने अंतरराष्ट्रीय परमाणु ऊर्जा एजेंसी को सूचित किया कि इस हमले से संयंत्र के मुख्य ढांचे को कोई नुकसान नहीं पहुँचा है और न ही कोई व्यक्ति हताहत हुआ है। हालांकि, सुरक्षा विशेषज्ञों का मानना है कि हमले की इतनी करीबी दूरी यह दर्शाती है कि युद्ध अब रेड लाइन को पार कर रहा है। यदि रिएक्टर को प्रत्यक्ष नुकसान पहुँचता, तो इससे निकलने वाला विकिरण न केवल ईरान बल्कि पड़ोसी देशों के लिए भी जानलेवा साबित हो सकता था।