Breaking News in Hindi
ब्रेकिंग
ब्रह्मांड में सोना बनने का रहस्य खुला चित्तौड़गढ़ में 'कातिल' मधुमक्खियों का तांडव! श्मशान में शव यात्रा पर किया हमला, दो की मौत; 50 लोगों... दिल्ली में गैस माफिया पर 'सर्जिकल स्ट्राइक'! 223 LPG सिलेंडर बरामद, पुलिस ने कालाबाजारी के बड़े खेल ... चीन और ईरान की 'खतरनाक' जुगलबंदी! अमेरिकी रिपोर्ट में बड़ा खुलासा—ड्रैगन दे रहा है तेहरान को घातक हथ... ईरान-इजरायल युद्ध के बीच भारत का 'प्लान-B' तैयार! गैस सप्लाई न रुके इसलिए खर्च होंगे ₹600 करोड़; क्य... Saharanpur Encounter: सहारनपुर में पुलिस मुठभेड़ में मारा गया इनामी अपराधी शहजाद, 44 वारदातों को दे ... Delhi Weather Update: दिल्ली में आंधी के बाद झमाझम बारिश, 20 मार्च तक खराब रहेगा मौसम; जानें अगले 3 ... अब होर्मुज में बंकर बस्टर बम गिराये पुडुचेरी राजनीति में अचानक बड़े भूचाल का संकेत तीसरा जहाज जग लाड़की भी मुद्रा बंदरगाह पहुंच गया

खाड़ी क्षेत्र के कई प्राणियों पर आफत की छाया

लड़ रहे हैं इंसानी सोच वाले लोग, पर खतरा और बड़ा

दुबई: फारस की खाड़ी का विविध किंतु अत्यंत संवेदनशील समुद्री जीवन वर्तमान में मध्य पूर्व में जारी भीषण युद्ध की विभीषिका झेल रहा है। समुद्री कछुओं से लेकर दुर्लभ पक्षियों और शांत स्वभाव के डूगोंग (समुद्री गाय) तक, इस क्षेत्र का संपूर्ण पारिस्थितिकी तंत्र बमबारी और तेल रिसाव के कारण विनाश की कगार पर है।

फरवरी के अंत में ईरान के विरुद्ध शुरू हुए सैन्य अभियानों और उसके बाद तेहरान की क्षेत्रीय जवाबी कार्रवाई ने इस संकट को और गहरा कर दिया है। जलवायु परिवर्तन और भारी समुद्री यातायात के दबाव को पहले से ही झेल रहे इस क्षेत्र के लिए यह युद्ध एक अस्तित्वगत खतरा बन गया है।

ब्रिटेन स्थित गैर-सरकारी संगठन कॉन्फ्लिक्ट एंड एनवायरमेंट ऑब्जर्वेटरी की एक विस्तृत रिपोर्ट के अनुसार, संघर्ष शुरू होने के बाद से अब तक पर्यावरण के लिए जोखिम पैदा करने वाली 300 से अधिक घटनाएं दर्ज की गई हैं। इनमें तेल टैंकरों पर हमले भी शामिल हैं, जिनसे समुद्री जल में जहरीले पदार्थों का प्रसार हो रहा है।

खाड़ी की भौगोलिक संरचना इसे विशेष रूप से असुरक्षित बनाती है; यह औसतन केवल 50 मीटर गहरी एक अर्ध-बंद समुद्री पट्टी है, जो होर्मुज जलडमरूमध्य के माध्यम से हिंद महासागर से जुड़ती है। यहाँ जल के नवीनीकरण की प्रक्रिया बहुत धीमी है (प्रत्येक दो से पांच वर्ष), जिससे तेल या अन्य प्रदूषकों का फैलाव सीमित क्षेत्र में ही रुककर भारी तबाही मचाता है।

यह क्षेत्र दुनिया की दूसरी सबसे बड़ी डूगोंग आबादी का घर है, जिनकी संख्या लगभग 5,000 से 7,500 के बीच है। ये शाकाहारी समुद्री स्तनधारी, जिन्हें समुद्री गाय भी कहा जाता है, पहले से ही असुरक्षित श्रेणी में सूचीबद्ध हैं। इसके अतिरिक्त, यहाँ कूबड़ वाली व्हेल और व्हेल शार्क सहित दर्जनों स्तनधारी प्रजातियाँ पाई जाती हैं।

कुल मिलाकर, खाड़ी के गर्म पानी में 2,000 से अधिक समुद्री प्रजातियाँ दर्ज हैं, जिनमें मछलियों की 500 से अधिक प्रजातियाँ और कछुओं के पांच प्रकार शामिल हैं। इनमें गंभीर रूप से लुप्तप्राय हॉक्सबिल समुद्री कछुआ भी शामिल है। यहाँ के मूंगा चट्टानें (कोरल), मैंग्रोव और समुद्री घास के मैदान मछलियों और अन्य जलीय जीवों के लिए आवश्यक प्रजनन आधार प्रदान करते हैं, जो अब युद्ध की भेंट चढ़ रहे हैं।