चाय बगान श्रमिकों से कहा कर्ज उतारने आया
-
कांग्रेस हार की सेंचुरी लगायेगी
-
चाय बगान श्रमिकों को जमीन
-
गारो हिल्स हिंसा पर भाजपा का बयान
भूपेन गोस्वामी
गुवाहाटीः प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने असम के विकास को नई गति देते हुए शिलांग-सिलचर कॉरिडोर का भूमि पूजन किया और चाय बागान श्रमिकों के लिए एक ऐतिहासिक भूमि पट्टा वितरण कार्यक्रम की शुरुआत की। इस दौरान उन्होंने राज्य की प्रगति और राजनीतिक परिदृश्य पर विस्तार से अपनी बात रखी।
चाय श्रमिकों को सम्मान और ऋण की अदायगी गुवाहाटी में आयोजित एक विशेष समारोह में पीएम मोदी ने असम के लगभग 3.5 लाख चाय बागान परिवारों को स्थायी भूमि अधिकार (लैंड पट्टा) देने की प्रक्रिया शुरू की। गौरतलब है कि ये श्रमिक ब्रिटिश काल से ही लेबर लाइन में रह रहे थे, लेकिन उनके पास जमीन के कानूनी दस्तावेज नहीं थे।
प्रधानमंत्री ने भावुक होते हुए कहा, चाय बागान श्रमिकों की पत्तियों से बनी चाय बेचकर ही मैं प्रधानमंत्री बना हूँ। आज भूमि पट्टा देना मेरे लिए उनका कर्ज उतारने जैसा है। मुख्यमंत्री डॉ. हिमंता बिस्वा सरमा ने इस पहल को श्रमिकों के सामाजिक-आर्थिक सशक्तिकरण और सम्मानजनक जीवन की दिशा में एक बड़ा कदम बताया।
कांग्रेस पर कड़ा प्रहार सभा को संबोधित करते हुए पीएम मोदी ने कांग्रेस पर तीखा हमला बोला। उन्होंने कहा कि असम की जनता ने कांग्रेस की बांटो और राज करो की नीति को नकार दिया है। हाल ही में एआई समिट (AI Summit) के दौरान कांग्रेस सदस्यों द्वारा किए गए विरोध प्रदर्शन का जिक्र करते हुए उन्होंने तंज कसा कि हताशा में कांग्रेस अब अपने ही कपड़े फाड़ने पर उतारू है। उन्होंने भविष्यवाणी की कि कांग्रेस जल्द ही चुनावी हार की सेंचुरी लगाने वाली है क्योंकि उसने देश के विकास के खिलाफ ही मोर्चा खोल दिया है।
मेघालय में अवैध प्रवासन और आदिवासी अधिकार इसी बीच, बीजेपी के वरिष्ठ नेता रविशंकर प्रसाद ने मेघालय की गारो हिल्स में हालिया तनाव के लिए बांग्लादेश से हो रहे अवैध प्रवासन को जिम्मेदार ठहराया। उन्होंने आरोप लगाया कि बाहरी लोग जाली प्रमाण पत्रों के माध्यम से आदिवासी संस्थाओं और चुनावों में घुसपैठ कर रहे हैं, जिससे मूल जनजातियों के सामाजिक संतुलन और राजनीतिक अधिकारों को खतरा पैदा हो गया है। बीजेपी ने स्पष्ट किया कि वह आदिवासी अधिकारों की रक्षा के लिए प्रतिबद्ध है और अवैध प्रवासियों को हटाने के लिए कड़े कदम उठाएगी। मेघालय बीजेपी के प्रतिनिधिमंडल ने इस संबंध में राज्यपाल को ज्ञापन सौंपकर नियमों में बदलाव की मांग की है।