बरेली का राष्ट्रीय राजमार्ग के गड्ढे से होती थी परेशानी
राष्ट्रीय खबर
नईदिल्लीः चिकित्सा विज्ञान में कभी-कभी ऐसी घटनाएं घटती हैं जो तर्क और विज्ञान की सीमाओं से परे होती हैं। उत्तर प्रदेश के बरेली से एक ऐसा ही चौंकाने वाला मामला सामने आया है, जहां डॉक्टरों द्वारा ब्रेन डेड घोषित की जा चुकी एक महिला सड़क के एक झटके के कारण दोबारा जीवित हो उठी। बरेली-हरिद्वार राष्ट्रीय राजमार्ग एनएच -74 पर हुई इस चमत्कारिक घटना ने हर किसी को हैरान कर दिया है।
50 वर्षीय विनीता शुक्ला पिछले कुछ समय से बरेली के एक अस्पताल में भर्ती थीं। उनकी स्थिति अत्यंत नाजुक थी और 24 फरवरी को डॉक्टरों ने उन्हें ब्रेन डेड घोषित कर दिया था। हालांकि उनका हृदय काम कर रहा था, लेकिन डॉक्टरों के अनुसार उनके बचने की कोई उम्मीद नहीं बची थी। अंततः अस्पताल ने उन्हें छुट्टी दे दी और उनके पति कुलदीप शुक्ला भारी मन से अपनी पत्नी के निश्चेत शरीर को एम्बुलेंस में लेकर घर की ओर रवाना हो गए।
कुलदीप ने रास्ते में ही अपने परिजनों को फोन कर इस दुखद समाचार की सूचना दे दी थी। घर पर अंतिम संस्कार की तैयारियां भी शुरू हो चुकी थीं। एम्बुलेंस बरेली-हरिद्वार राष्ट्रीय राजमार्ग 74 पर दौड़ रही थी, तभी अचानक सड़क पर एक गहरा गड्ढा आया। गड्ढे के कारण एम्बुलेंस को एक ज़ोरदार झटका लगा और गाड़ी हवा में उछल गई। इसी झटके के तुरंत बाद कुलदीप ने देखा कि विनीता के शरीर में हलचल हो रही है। उनकी सांसें जो थम सी गई थीं, अचानक सामान्य रूप से चलने लगीं। जिसे डॉक्टर मृत मान चुके थे, वह सड़क के उसी झटके से होश में आ गई।
बरेली की बदहाल सड़क, जो आमतौर पर हादसों का कारण बनती है, इस परिवार के लिए वरदान साबित हुई। इस घटना ने एक तरफ जहां चिकित्सा जगत को अचंभित कर दिया है, वहीं दूसरी ओर स्थानीय लोग इसे ईश्वर का चमत्कार मान रहे हैं। फिलहाल महिला का उपचार जारी है और उनका परिवार इस पुनर्जन्म के लिए भगवान का शुक्रिया अदा कर रहा है।