Breaking News in Hindi
ब्रेकिंग
Char Dham Yatra News: गंगोत्री और केदारनाथ अब होंगे एक-दूसरे के करीब; 100 किमी लंबी नई सड़क का ब्लूप्... Bharat Tiwari Encounter: भोजपुर एनकाउंटर मामले में नया मोड़; एसपी पहुंचे मृतक के घर, परिवार ने की CBI... Tragic Incident in Gumla: मानसिक बीमारी से परेशान मां ने बच्चों के साथ कुएं में लगाई छलांग? जांच में... Delhi Crime News: छतरपुर में 11 वर्षीय बच्ची का अपहरण और हत्या; कैब ड्राइवर बाशु कुमार गिरफ्तार Jaipur Metro Phase-2: प्रधानमंत्री मोदी 4 जुलाई को करेंगे शिलान्यास; 13 हजार करोड़ की सौगात Yamuna Bazar Encroachment: दिल्ली के यमुना बाजार में चला प्रशासन का बुलडोजर, अवैध निर्माण पर बड़ी कार... Lohagad Fort Murder Case: केतन अग्रवाल की हत्या की खौफनाक साजिश; मंगेतर सिया गोयल ने प्रेमी के साथ म... Akash Deep Marriage: टीम इंडिया के गेंदबाज आकाश दीप बंधे शादी के बंधन में, वाराणसी में हुई आलीशान शा... Venezuela Earthquake News: वेनेजुएला में 126 साल का सबसे भीषण भूकंप; 7.5 तीव्रता के झटकों से कांपी ध... टी रेक्स को पूर्ण आकार में चालीस साल लगते थे

बिड़ला से कहा इसे पार्टी कार्यालय ना समझें

राहुल गांधी के साथ खुलकर खड़ी हो गयी टीएमसी भी

राष्ट्रीय खबर

नईदिल्लीः लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला के खिलाफ विपक्ष द्वारा लाए गए अविश्वास प्रस्ताव पर बुधवार को सदन में तीखी बहस हुई। सत्ता पक्ष पर पक्षपातपूर्ण व्यवहार का आरोप लगाते हुए कांग्रेस और तृणमूल कांग्रेस ने एकजुट होकर सरकार और अध्यक्ष की कुर्सी पर निशाना साधा।

विपक्ष के नेता राहुल गांधी ने सदन में पक्षपात का मुद्दा उठाते हुए कहा, जब भी हम बोलने के लिए खड़े होते हैं, हमें रोक दिया जाता है। लोकसभा किसी एक दल की नहीं, बल्कि पूरे देश की है। राहुल गांधी के सुर में सुर मिलाते हुए तृणमूल कांग्रेस की सांसद सयानी घोष ने भी कड़ा रुख अपनाया।

उन्होंने कहा कि संसद में लोकतंत्र नाममात्र का बचा है क्योंकि विपक्ष की आवाज़ को दबाया जा रहा है। जाधवपुर की सांसद ने सरकार को चेतावनी देते हुए कहा, संसद को पार्टी कार्यालय न बनाएं। यह अब नीति-निर्धारण का मंच नहीं, बल्कि एक विज्ञापन मंच बनकर रह गया है।

सयानी घोष ने अपने संबोधन में राहुल गांधी और अखिलेश यादव जैसे नेताओं के भाषणों में बार-बार डाली जा रही बाधाओं का जिक्र किया। उन्होंने आरोप लगाया कि विपक्षी नेताओं को सदन में किसी पुस्तक या दस्तावेज का संदर्भ देने से रोका जा रहा है, जबकि सत्ता पक्ष के पसंदीदा सदस्यों को इसकी पूरी छूट दी जा रही है।

उन्होंने फरवरी के बजट सत्र का उदाहरण देते हुए बताया कि जब राहुल गांधी ने पूर्व सेना प्रमुख मनोज नरवणे की अप्रकाशित पुस्तक से चीन के मुद्दे पर कुछ पंक्तियाँ उद्धृत करनी चाहीं, तो उन्हें संसदीय नियमों का हवाला देकर रोक दिया गया। वहीं, भाजपा सांसद निशिकांत दुबे को गांधी-नेहरू परिवार पर निशाना साधने के लिए बिना किसी रोक-टोक के संदर्भ देने की अनुमति दी गई।

भाजपा की ओर से रविशंकर प्रसाद ने अविश्वास प्रस्ताव को पीड़ादायक बताते हुए कहा कि अध्यक्ष को पद से हटाने के प्रस्ताव का उपयोग किसी नेता के अहंकार को संतुष्ट करने के लिए नहीं किया जाना चाहिए। उन्होंने राहुल गांधी को नसीहत देते हुए कहा कि राष्ट्रीय सुरक्षा जैसे संवेदनशील विषयों पर उन्हें बहुत नपे-तुले शब्दों का प्रयोग करना चाहिए।