ईरानी स्कूल पर हमले की ज्यादा जानकारी नहीः ट्रंप
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टॉमहॉक मिसाइल से हमला हुआ था
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डेढ़ सौ से अधिक लोग वहां मारे गये
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सत्यापित वीडियो में इसकी पुष्टि हुई
फ्लोरिडाः राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने उन रिपोर्टों पर अनभिज्ञता जाहिर की है जिनमें दावा किया गया है कि ईरान के एक स्कूल पर अमेरिकी टोमहॉक क्रूज मिसाइल से हमला हुआ है। राष्ट्रपति ट्रंप से जब एक संवाददाता ने पूछा कि ईरान ने उस मिसाइल का उपयोग कैसे किया होगा जिसे वर्तमान संघर्ष में केवल अमेरिकी सेना द्वारा संचालित माना जाता है, तो उन्होंने कहा कि वह इस बारे में पर्याप्त नहीं जानते। इस दौरान मौजूद पत्रकारों से देखा कि इस कठिन सवाल का उत्तर देते वक्त अमेरिकी राष्ट्रपति झिझक गये थे औऱ सवाल उन्हें परेशान कर गया था।
ट्रंप ने फ्लोरिडा में पत्रकारों से बातचीत में कहा, टोमहॉक दुनिया के सबसे शक्तिशाली हथियारों में से एक है, जिसका इस्तेमाल और बिक्री अन्य देशों द्वारा भी की जाती है। ईरान के पास भी कुछ टोमहॉक मिसाइलें हैं… मुझे बस इसके बारे में ज्यादा पता नहीं है। मुझे बताया गया है कि यह मामला अभी जांच के दायरे में है।
मिनाब स्कूल हमला और विवादयह पूरा विवाद 28 फरवरी को दक्षिणी ईरानी शहर मिनाब के एक प्राथमिक स्कूल में हुए भीषण विस्फोट से जुड़ा है। यह वही दिन था जब ईरान भर में बड़े पैमाने पर हवाई हमले शुरू हुए थे। ईरानी अधिकारियों के अनुसार, इस हमले में 150 से अधिक लोगों की मौत हुई है, जिनमें बड़ी संख्या में स्कूली बच्चे शामिल हैं।
ईरान ने इस नरसंहार के लिए सीधे तौर पर अमेरिका और इजराइल को जिम्मेदार ठहराया है।साक्ष्यों और विशेषज्ञों का दावाहालाँकि वाशिंगटन ने इन आरोपों को खारिज किया है, लेकिन द न्यूयॉर्क टाइम्स और खोजी समूह बेलिंगकैट द्वारा सत्यापित वीडियो फुटेज ने नई बहस छेड़ दी है। विशेषज्ञों का कहना है कि वीडियो में दिखने वाली मिसाइल स्पष्ट रूप से टोमहॉक है।
चूंकि इस युद्ध में इजराइल या ईरान द्वारा टोमहॉक मिसाइलों के उपयोग का कोई रिकॉर्ड नहीं है, इसलिए उंगलियां अमेरिकी सेना की ओर उठ रही हैं। विश्लेषण से पता चलता है कि स्कूल के पास स्थित एक ईरानी नौसैनिक अड्डे को निशाना बनाते समय यह मिसाइल गलती से स्कूल पर जा गिरी होगी।पेंटागन ने कहा है कि वह इस घटना की जांच कर रहा है, लेकिन अभी तक किसी भी जिम्मेदारी को स्वीकार नहीं किया है।