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ईरान के औपचारिक विरोध के बाद यूएई ने सफाई दी

जल विलवणीकर संयंत्र पर हमला नहीं किया था

रियाधः संयुक्त अरब अमीरात के एक वरिष्ठ अधिकारी ने उन खबरों का खंडन किया है जिनमें दावा किया गया था कि अबू धाबी ने ईरान के एक जल विलवणीकरण संयंत्र पर हमला किया है। द जेरूसलम पोस्ट से बात करते हुए अधिकारी ने उन दावों को गलत बताया जो रविवार को एक अज्ञात स्रोत के हवाले से सामने आए थे।

यूएई के करीबी सूत्रों ने इजरायली अधिकारियों पर इस तरह की खबरें लीक करने का आरोप लगाया है। उन्होंने कहा कि अबू धाबी इजरायली आचरण और यरूशलेम से आने वाली ब्रीफिंग की प्रकृति को समझने में संघर्ष कर रहा है। अधिकारी ने कड़े शब्दों में कहा, यह उचित नहीं है कि कोई वरिष्ठ इजरायली स्रोत हमारी ओर से बात करे या किसी अन्य संप्रभु राज्य की कार्रवाइयों के बारे में अफवाह फैलाए। यूएई एक संप्रभु राष्ट्र है जो अपने निर्णय स्वतंत्र रूप से लेता है।

यह समझा जाता है कि संयुक्त अरब अमीरात किसी नागरिक लक्ष्य पर हमला नहीं करेगा, हालांकि वह सैन्य ठिकानों को निशाना बना सकता है। दिलचस्प बात यह है कि इजरायली रक्षा बल ने भी इस विशिष्ट हमले में शामिल होने से इनकार किया है।

शुरुआती रिपोर्टों में कहा गया था कि ऑपरेशन रोरिंग लायन और एपिक फ्यूरी के दौरान ईरानी ड्रोन और मिसाइल हमलों के जवाब में यूएई ने यह कार्रवाई की थी। हालांकि, विदेश मंत्रालय ने एक बयान जारी कर स्पष्ट किया कि वह केवल ईरानी आक्रामकता के खिलाफ आत्मरक्षा में काम कर रहा है। मंत्रालय ने जोर देकर कहा कि वह अपनी तरफ से किसी संघर्ष या तनाव को बढ़ाना नहीं चाहता, लेकिन अपनी संप्रभुता और राष्ट्रीय सुरक्षा की रक्षा के लिए सभी आवश्यक उपाय करने का पूर्ण अधिकार रखता है।

राष्ट्रीय रक्षा समिति के अध्यक्ष अली अल नुआइमी ने कहा, हम ईरानी जनता और वहां के शासन को एक ही तराजू में नहीं तौलते। ईरानी लोग खुद उस शासन की नीतियों के शिकार हैं। पिछले हफ्ते, फुजैराह तेल क्षेत्र में एक ईरानी ड्रोन को मार गिराया गया था, जिसके मलबे से लगी आग को बुझाने में अधिकारियों को काफी मशक्कत करनी पड़ी थी।

रविवार को रक्षा मंत्रालय ने घोषणा की कि ईरानी हमलों में मरने वालों की संख्या बढ़कर चार हो गई है। केवल यूएई ही नहीं, बल्कि सऊदी अरब, कुवैत और बहरीन ने भी शनिवार और रविवार को ईरानी ड्रोन हमलों की सूचना दी है। कुवैत में एक सरकारी कार्यालय ब्लॉक में भीषण आग लग गई, और वहां के आंतरिक मंत्रालय के अनुसार, ड्यूटी के दौरान दो अधिकारियों की मौत हो गई।

ईरान के राष्ट्रपति मसूद पेजेशक्यान ने खाड़ी देशों के गुस्से को शांत करने के प्रयास में पड़ोसी देशों में स्थित अमेरिकी ठिकानों पर हुए हमलों के लिए माफी मांगी है। इस बीच, वॉल स्ट्रीट जर्नल की एक रिपोर्ट के अनुसार, यूएई, ईरान की अरबों डॉलर की संपत्ति को फ्रीज (जब्त) करने पर विचार कर रहा है, जो ईरान को वैश्विक अर्थव्यवस्था से पूरी तरह काट सकता है।