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समाचार चैनलों के टीआरपी रिपोर्टिंग पर रोक

ईरान युद्ध में सनसनीखेज खबरों से भारत सरकार परेशान

  • सिर्फ सनसनी फैलाने का आरोप लगा

  • जनता को डराने का काम चल रहा है

  • चार सप्ताह के लिए टीआरपी पर प्रतिबंध

नई दिल्लीः भारत के सूचना एवं प्रसारण मंत्रालय ने देश के समाचार टीवी चैनलों के लिए टेलीविजन रेटिंग पॉइंट्स को तत्काल प्रभाव से निलंबित करने का कड़ा निर्देश जारी किया है। सरकार का यह फैसला मुख्य रूप से चल रहे इजरायल-ईरान संघर्ष के दौरान समाचार चैनलों द्वारा की जा रही सनसनीखेज और काल्पनिक रिपोर्टिंग पर गहरी चिंता व्यक्त करने के बाद आया है। मंत्रालय का मानना है कि टीआरपी की होड़ में चैनल पत्रकारिता की मर्यादा भूलकर ऐसी सामग्री प्रसारित कर रहे हैं, जो राष्ट्रीय और अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर संवेदनशीलता को प्रभावित कर सकती है।

मंत्रालय ने अपने आधिकारिक बयान में इस बात को रेखांकित किया है कि कुछ प्रमुख समाचार चैनल ऐसी सामग्री का प्रसारण कर रहे हैं, जिससे जनता के बीच अनावश्यक घबराहट और असुरक्षा की भावना पैदा हो सकती है। विशेष रूप से उन भारतीय नागरिकों के लिए यह स्थिति बेहद तनावपूर्ण हो गई है, जिनके मित्र, परिवार या व्यक्तिगत संबंध प्रभावित क्षेत्रों (इजरायल और ईरान) में हैं। युद्ध जैसी स्थितियों में तथ्यों की पुष्टि किए बिना की जा रही स्पेक्युलेटिव यानी काल्पनिक रिपोर्टिंग से न केवल भ्रम फैल रहा है, बल्कि यह सार्वजनिक हितों के लिए भी हानिकारक साबित हो रही है।

स्थिति की गंभीरता को देखते हुए, सूचना एवं प्रसारण मंत्रालय ने ब्रॉडकास्ट ऑडियंस रिसर्च काउंसिल को स्पष्ट निर्देश दिया है कि वह सभी समाचार टीवी चैनलों के लिए टीआरपी रिपोर्टिंग को अगले चार सप्ताह के लिए या अगले आदेश तक (जो भी पहले हो) रोक दे। सरकार का मानना है कि टीआरपी की दौड़ ही वह मुख्य कारण है, जो चैनलों को सनसनीखेज खबरें दिखाने के लिए मजबूर करती है। रेटिंग रुक जाने से चैनलों का ध्यान प्रतिस्पर्धा से हटकर सटीक और जिम्मेदार पत्रकारिता की ओर केंद्रित होगा।

इस ऐतिहासिक कदम का प्राथमिक उद्देश्य संवेदनशील वैश्विक घटनाक्रमों के दौरान जिम्मेदार पत्रकारिता को बढ़ावा देना और सार्वजनिक सुरक्षा सुनिश्चित करना है। मंत्रालय ने स्पष्ट किया है कि प्रेस की स्वतंत्रता का सम्मान किया जाता है, लेकिन इसे जनहित और मानवीय संवेदनाओं की कीमत पर नहीं छोड़ा जा सकता। सरकार ने चैनलों से आग्रह किया है कि वे युद्ध और संघर्ष से जुड़ी खबरों को कवर करते समय संयम बरतें और केवल प्रमाणित सूचनाओं को ही दर्शकों तक पहुँचाएँ।