उत्तर प्रदेश के सम्भल में सरकारी जमीन पर अवैध कब्जों के खिलाफ राजस्व प्रशासन ने बड़ी कार्रवाई की है. सम्भल तहसील के राजस्व ग्राम मन्नीखेड़ा में लगभग 2 करोड़ रुपये कीमत की 39 बीघा पशुचर भूमि को कब्जा मुक्त कराया गया. यह कार्रवाई जिलाधिकारी डॉ. राजेन्द्र पैंसिया के निर्देश पर की गई. उन्होंने कहा कि जिले में सरकारी भूमि पर किसी भी तरह का अवैध कब्जा बर्दाश्त नहीं किया जाएगा और ऐसे मामलों में लगातार कार्रवाई जारी रहेगी. इससे पहले भी सरकारी जमीन को कब्जा मुक्त कराया गया है. राजस्व विभाग और पुलिस की मौजूदगी में यह कार्रवाई की गई.
सम्भल तहसील के राजस्व ग्राम मन्नीखेड़ा में नायब तहसीलदार बबलू कुमार के नेतृत्व में राजस्व टीम और पुलिस बल ने संयुक्त कार्रवाई करते हुए पशुचर भूमि को अवैध कब्जे से मुक्त कराया. कार्रवाई के दौरान गाटा संख्या 1266 की पशुचर भूमि पर विजय पुत्र गंगाराम द्वारा बोई गई सरसों और गेहूं की फसल हटवाई गई. वहीं धीरज, नीरज और रनवीर पुत्र नौबत द्वारा भी गेहूं की फसल उगाकर कब्जा किया गया था. जिसके बाद राजस्व विभाग ने इस जमीन को कब्जा मुक्त कराने प्रक्रिया शुरू कर दी थी.
39 बीघा जमीन पर कब्जा
इसके अलावा गाटा संख्या 1339 की भूमि पर भी धीरज, नीरज और रनवीर द्वारा अवैध रूप से गन्ना बोया गया था. वहीं गाटा संख्या 1267 पर सुरेश, जयसिंह पुत्र नन्हे और राकेश पुत्र लीलाधर द्वारा गेहूं और मक्का की फसल उगाकर कब्जा कर रखा था. नायब तहसीलदार बबलू कुमार के नेतृत्व में राजस्व निरीक्षक योगेन्द्र, चन्द्रपाल तथा लेखपाल मनोज और मयूरी की टीम ने पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचकर भूमि का चिन्हांकन कराया और लगभग 80 बीघा पशुचर भूमि में से 39 बीघा भूमि को कब्जा मुक्त कराया, जिसकी अनुमानित कीमत करीब 2 करोड़ रुपये बताई जा रही है.
डीएम ने क्या कहा?
जिलाधिकारी डॉ. राजेन्द्र पैंसिया ने कहा कि जिले में सरकारी भूमि पर किसी भी तरह का अवैध कब्जा बर्दाश्त नहीं किया जाएगा और ऐसे मामलों में लगातार कार्रवाई जारी रहेगी. उन्होंने कहा कि 39 बीघा पशुचर भूमि पर कब्जा किया गया था, जिसे राजस्व विभाग ने पुलिस की मदद से खाली कराया है. यहां 80 बीघा जमीन को पशुचर के लिए है.