Breaking News in Hindi
ब्रेकिंग
कलेसर क्षेत्र में जंगली हाथियों का उत्पात, आम के बाग में घुसकर पेड़ों को पहुंचाया भारी नुकसान हरियाणा के सरकारी स्कूलों में सप्ताह में एक दिन अनिवार्य हुआ राज्य-गीत, शिक्षा निदेशालय ने जारी किए ... 'टीबी मुक्त भारत ऐप' पंजीकरण में हरियाणा ने देश में हासिल किया दूसरा स्थान, मुख्य सचिव की बैठक में ख... रोहतक पुलिस का बड़ा अभियान, शराब पीकर गाड़ी चलाने पर 60 चालान और 246 लोग डिटेन सोनीपत की रेलवे हाईराइज सोसायटी में दुखद घटना, 7वीं मंजिल से कूदकर 25 वर्षीय युवती ने की खुदकुशी अंबाला में मंत्री अनिल विज के आवास का घेराव करने पहुंचे सैकड़ों रोडवेज कर्मचारी, खुद ज्ञापन लेने बीच... मोहन लाल कौशिक बने 'हरियाणा ब्यूरो ऑफ पब्लिक एंटरप्राइजेज' (HBPE) के नए चेयरमैन, वित्त विभाग ने जारी... Haryana Valuers Conduct Code: हरियाणा सरकार का बड़ा फैसला! जमीनों के मूल्यांकनकर्ताओं के लिए नई आचार... Fatehpur Road Accident News: सीएम योगी की VIP ड्यूटी पर जा रहे हेड कांस्टेबल की भीषण हादसे में मौत, ... Hathras Copper Theft News: हाथरस में 52 लाख का कॉपर गबन! SOG और पुलिस ने गिरोह के 6 बदमाशों को दबोचा...

Unique Vow Fulfilled: ‘पत्नी से पीछा छुड़ा दो भगवान’, मन्नत पूरी होने पर पति ने की 9KM की दंडवत यात्रा

कहते हैं कि शादियों के जोड़े स्वर्ग में बनते हैं और सात जन्मों का साथ निभाने की कसमें खाकर लोग एक-दूसरे का हाथ थामते हैं, लेकिन बस्ती जिले से एक ऐसा मामला सामने आया है जिसने वैवाहिक सुख की परिभाषा ही बदल दी. यहां एक पति अपनी पत्नी से इस कदर परेशान हुआ कि उसने भगवान से साथ रहने की नहीं, बल्कि ‘पीछा छुड़ाने’ की मन्नत मांग ली. वहीं मन्नत पूरी होने पर जो हुआ, उससे पूरे इलाके में चर्चाओं का बाजार गर्म है.

मामला सोनहा थाना क्षेत्र के एक गांव का है. यहां के एक युवक का वैवाहिक जीवन शादी के मात्र 2 साल के भीतर ही कलह की भेंट चढ़ गया. आपसी विवाद और मानसिक तनाव से तंग आकर पति ने पौराणिक मंदिर मां बैड़वा समय माता के दरबार में अरजी लगाई. युवक ने मां से मन्नत मांगी कि यदि उसे पत्नी से छुटकारा मिल गया तो वह घर से मंदिर तक दंडवत यात्रा करेगा.

9 किलोमीटर तक की दंडवत यात्रा

पत्नी से जब कानूनी या सामाजिक रूप से पीछा छूटा तो युवक ने अपनी मन्नत पूरी करने का फैसला किया. सुबह बिना अन्न-जल ग्रहण किए पत्नी से पीड़ित पति ने अपने गांव से भानपुर स्थित माता के मंदिर तक 9 किलोमीटर लंबी यात्रा की. युवक दंडवत होकर मंदिर की चौखट तक पहुंचा. हैरानी की बात यह रही कि इस यात्रा में युवक अकेला नहीं था. उसके माता-पिता और गांव के दर्जनों लोग गाजे-बाजे और माता के जयकारों के साथ उसके पीछे चल रहे थे. समाज में जहां अक्सर टूटे रिश्तों पर मातम मनाया जाता है, यहां एक रिश्ता टूटने की खुशी में भक्ति का सैलाब उमड़ा था.

‘अब शांति महसूस कर रहा हूं’

शाम 6 बजे जब वह लहूलुहान घुटनों और थकान से चूर शरीर के साथ मंदिर पहुंचा, तो उसने माता के दर्शन किए और प्रसाद चढ़ाकर आभार व्यक्त किया. युवक के चेहरे पर शारीरिक थकान से ज्यादा मानसिक सुकून की चमक थी. उसने मीडिया और स्थानीय लोगों से बातचीत में बस इतना ही संकेत दिया कि वह अपने वैवाहिक जीवन के नरक से निकलकर अब शांति महसूस कर रहा है. पत्नी पीड़ित पति ने बताया कि वह अपनी पत्नी से प्रताड़ित था, जिससे छुटकारा पाने के लिए उसने कोर्ट में अपील की थी और दो साल केस चलने के बाद आखिरकार आज उसे तलाक मिल गया है. इस फैसले से वो और उसका पूरा परिवार बहुत खुश है.

यह घटना आज के दौर में वैवाहिक रिश्तों के गिरते स्तर और बढ़ते मानसिक तनाव का जीवंत उदाहरण है. यहां लोग अपनी पत्नी की लंबी उम्र के लिए करवाचौथ का व्रत रखते हैं. वहीं इस पीड़ित पति की दंडवत यात्रा ने समाज को सोचने पर मजबूर कर दिया है. क्या अब रिश्तों का बोझ आस्था के सहारे ही उतारा जाएगा?