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घरेलू एलपीजी की कीमतें साठ रुपये बढ़ी

पश्चिम एशिया संघर्ष का असर अब भारत पर भी पड़ा

  • आपूर्ति पर असर पड़ने का प्रभाव

  • गैर सब्सिडी वालों के दाम बढ़े

  • कॉमर्शियल में भी बढ़ोत्तरी

राष्ट्रीय खबर

नईदिल्लीः पश्चिम एशिया में जारी सैन्य संघर्ष के कारण वैश्विक ऊर्जा कीमतों में आई तेजी को देखते हुए, तेल कंपनियों ने शनिवार को घरेलू रसोई गैस की कीमतों में 60 रुपये प्रति सिलेंडर की भारी बढ़ोतरी कर दी है। अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल और गैस की अस्थिरता का सीधा असर अब भारतीय रसोइयों पर पड़ने लगा है।

इंडियन ऑयल कॉर्पोरेशन की वेबसाइट के अनुसार, गैर-सब्सिडी वाले एलपीजी सिलेंडर (जो उज्ज्वला लाभार्थियों के अलावा सामान्य घरेलू उपयोगकर्ता इस्तेमाल करते हैं) की कीमतें अब काफी बढ़ गई।दिल्ली में 14.2 किलोग्राम के सिलेंडर की कीमत अब 913 रुपये होगी। मुंबई का नया भाव 912.50 रुपये प्रति सिलेंडर तय किया गया है।

कोलकाता में उपभोक्ताओं को अब 939 रुपये चुकाने होंगे। चेन्नई में सिलेंडर की कीमत बढ़कर 928.50  रुपये हो गई है। यह पिछले 11 महीनों में कीमतों में की गई दूसरी बड़ी बढ़ोतरी है। इससे पहले पिछले साल अप्रैल में कीमतों में 50 रुपये का इजाफा किया गया था।

राहत की बात यह है कि प्रधानमंत्री उज्ज्वला योजना के तहत दिए गए 10 करोड़ से अधिक कनेक्शनों के लिए कीमतों में कोई बदलाव नहीं किया गया है। गरीब परिवारों के लिए पुरानी दरें ही लागू रहेंगी। हालांकि, व्यापारिक प्रतिष्ठानों पर बोझ बढ़ गया है। इस महीने की शुरुआत में, होटलों और रेस्तरां में इस्तेमाल होने वाले 19 किलोग्राम के कमर्शियल एलपीजी सिलेंडर की कीमत में 114.5  रुपये की वृद्धि की गई थी। इसके बाद दिल्ली में कमर्शियल सिलेंडर की कीमत अब 1,883 रुपये की हो गई है।

बाजार विशेषज्ञों का मानना है कि अमेरिका और ईरान के बीच छिड़े युद्ध (ऑपरेशन एपिक फ्यूरी) के कारण सप्लाई चेन बाधित हुई है। लाल सागर और फारस की खाड़ी में तनाव के चलते माल ढुलाई और बीमा लागत में वृद्धि हुई है, जिसका खामियाजा अब आम उपभोक्ताओं को ऊंचे दामों के रूप में भुगतना पड़ रहा है। यदि पश्चिम एशिया में तनाव कम नहीं होता है, तो आने वाले समय में पेट्रोल और डीजल की कीमतों में भी इसी तरह के उछाल की आशंका जताई जा रही है।