Breaking News in Hindi
ब्रेकिंग
Crime News: लुटेरों का आतंक: बीच सड़क पर कार सवार बाप-बेटे को बदमाशों ने घेरा, हथियारों के दम पर की ... Sonu Sood Helps Indians in Dubai: ईरान-इजरायल युद्ध के बीच दुबई में फंसे लोगों की मदद को आगे आए सोनू... होली का हुड़दंग पड़ा महंगा! लुधियाना पुलिस ने एक ही दिन में 2000 लोगों को लिया रडार पर, जानें किन गल... मिसाल: न उम्र की सीमा, न संसाधनों की कमी; जालंधर की इस बहादुर बेटी का ई-रिक्शा वाला जज्बा जीत लेगा आ... शहर में सनसनीखेज डकैती: हथियारबंद बदमाशों ने सराफ के घर मचाया कोहराम, 3 करोड़ की लूट से पुलिस महकमे ... CCTV में कैद खौफनाक मंजर: लुधियाना की सड़कों पर तलवारें लेकर दौड़े युवक, नशे की हालत में सरेआम दी चु... रणजीत सिंह एनकाउंटर में नया मोड़: बिक्रम सिंह मजीठिया ने खोल दिया मोर्चा, हाई कोर्ट से की मामले की न... भरोसे का खूनी अंत! यूट्यूबर नैन्सी ग्रेवाल की हत्या पर मां का फूटा दर्द, किए ऐसे खुलासे कि दंग रह गई... बस्तर में नक्सलियों पर बड़ा प्रहार! दंतेवाड़ा-बीजापुर सीमा पर मुठभेड़, भैरमगढ़ एरिया कमेटी का खूंखार... Chhattisgarh Rajya Sabha Election 2026: छत्तीसगढ़ से राज्यसभा के लिए दो महिलाओं ने भरा नामांकन, फूलो...

Meghnath Mela: 60 फीट ऊंचे स्तंभ पर हैरतअंगेज कारनामे, उल्टा लटककर झूला झूलने की अनोखी परंपरा

सिवनी : होली के अगले दिन सिवनी के पांजरा में एशिया का सबसे बड़ा ‘मेघनाथ मेला’ लगता है. होलिका दहन के अगले दिन धुरेड़ी के अवसर पर आस्था, परंपरा और हैरतअंगेज रोमांच का अद्भुत नजारा देखने को मिलता है. मेघनाथ मेला आदिवासी संस्कृति का जीवंत केंद्र है. साथ ही परंपराओं को सहेजने का एक सशक्त माध्यम भी. इसलिए इस मौके पर दूर-दूर से आदिवासी आते हैं.

‘हाकड़े बिर्रे’ के जयघोष से गूंजा पांजरा

होली के अगले दिन जिसे स्थानीय भाषा में धुरेड़ी कहा जाता है, यहां मेघनाथ स्तंभ की विशेष पूजा की परंपरा निभाई गई. आदिवासी समुदाय (विशेषकर गोंड जनजाति) रावण के पुत्र मेघनाथ को अपना आराध्य देव मानकर उपासना करते हैं. मेले के दौरान पूरा परिसर ‘हाकड़े बिर्रे’ के पारंपरिक जयघोष से गुंजायमान रहा, जो इस उत्सव की धार्मिक और सांस्कृतिक ऊर्जा को प्रदर्शित करता है. मेले का मुख्य आकर्षण लगभग 60 फीट ऊंचा लकड़ी का ‘मेघनाथ स्तंभ’ है, जिसे पूरे एशिया में अपनी तरह का सबसे ऊंचा स्तंभ माना जाता है.

आस्था और रोमांच की पराकाष्ठा

मन्नत पूरी होने पर श्रद्धालु, जिन्हें ‘वीर’ कहा जाता है, इस ऊंचे खंभे के मचान पर चढ़ते हैं. सुरक्षा के लिए वे केवल रस्सियों के सहारे बंधे होते हैं और हवा में लटककर स्तंभ के चारों ओर चक्कर लगाते हैं. इस दौरान जमीन पर नीचे मौजूद भीड़ द्वारा श्रद्धालुओं के ऊपर नारियल फेंके जाने की भी अनूठी परंपरा है.

दिनेश पूसराम, नरपत यादव, कमलसिंह परते, जयदीप दुबे, सुरेन्द्र ठाकुर के अनुसार “लोगों में यह दृढ़ विश्वास है कि मेघनाथ स्तंभ पर उल्टा झूलने और मन्नत मांगने से गंभीर बीमारियों, संतान प्राप्ति और विवाह संबंधी जैसी मनोकामनाएं पूरी होती हैं.”

होली के दिन भी रंग या गुलाल से परहेज

मेघनथ मेले में केवलारी सहित आसपास के 20-25 गांवों के हजारों आदिवासी और अन्य समाज के लोग इस भव्य आयोजन में शामिल हुए. पांजरा गांव की इस परंपरा की एक खास बात यह भी है कि धुरेड़ी के दिन, जहां देशभर में होली खेली जाती है, यहां के ग्रामीण न तो रंग उड़ाते हैं और न ही गुलाल लगाते हैं. पूरा गांव इस दिन को पूरी तरह से मेघनाथ की उपासना और सेवा के लिए समर्पित रखता है. गांव का कोई भी व्यक्ति इस दिन टीका तक नहीं लगाता, जो उनकी अपने आराध्य के प्रति गहरी निष्ठा को दर्शाता है.