Breaking News in Hindi
ब्रेकिंग
बंगाल चुनाव 2026: नए गठबंधन से बदलेगा वोट बैंक का खेल? जानें किसके साथ जाएंगे अल्पसंख्यक? दिल्ली की गौशालाओं के लिए ₹20 करोड़ से ज्यादा का फंड जारी; अब गायों के संरक्षण को मिलेगी नई ताकत Turkey Entry in Iran-Israel War: ईरान-इजराइल जंग में हो सकती है तुर्किये की एंट्री; इजराइल के 'ग्रेट... गैंगस्टरवाद के खिलाफ मान सरकार की मुहिम को मिल रहा है लोगों का भारी समर्थन: बलतेज पन्नू शानदार चार साल, भगवंत मान दे नाल: आप ने भगवंत मान सरकार की उपलब्धियों को पंजाब के हर घर तक पहुंचाया Census 2027 India Update: जनगणना 2027 की तैयारी अंतिम दौर में; 1 अप्रैल से शुरू होगा पहला चरण, जाति ... पश्चिम बंगाल में कांग्रेस उम्मीदवार का नाम SIR लिस्ट से गायब; कलकत्ता हाई कोर्ट ने कहा- अब सीधे सुप्... LPG Crisis in India Update: संकट के बीच भारत पहुंच रहे LPG के दो विशाल जहाज; लदा है 94,000 टन गैस, म... Delhi-Agra Highway Accident: दिल्ली-आगरा हाईवे पर रोंगटे खड़े कर देने वाला हादसा; पुल की रेलिंग तोड़... Mumbai Dabbawala Service Closed: मुंबई में 6 दिन नहीं पहुंचेगा टिफिन; 4 अप्रैल तक डब्बेवालों की सर्व...

भारतीय संसद अब उत्तर कोरिया जैसाः जयराम रमेश

केरलम की राजधानी में कांग्रेस नेता का गंभीर बयान

राष्ट्रीय खबर

तिरुवनंतपुरमः कांग्रेस नेता और वरिष्ठ सांसद जयराम रमेश ने संसद में प्रधान मंत्री नरेंद्र मोदी की अत्यधिक प्रशंसा करने के लिए भाजपा सांसदों की तीखी आलोचना की है। उन्होंने कहा कि सत्ता पक्ष के सांसदों का व्यवहार कभी-कभी उन्हें यह एहसास कराता है कि वे भारत की संसद में नहीं, बल्कि उत्तर कोरिया जैसी अधिनायकवादी कम्युनिस्ट देश की सुप्रीम पीपुल्स असेंबली में बैठे हैं। एक साक्षात्कार में, रमेश ने अमेरिका और इजरायल द्वारा ईरान पर किए गए हमलों के मद्देनजर भारत की विदेश नीति से जुड़े सवालों का जवाब देते हुए आरोप लगाया कि देश के सभी मामले, चाहे वह विदेश नीति हो या वित्त—केवल एक व्यक्ति द्वारा संभाले जा रहे हैं।

लंबे समय तक राज्यसभा सांसद रहे रमेश ने कहा कि जब वह नई दिल्ली में सत्ता पक्ष के भाषण सुनते हैं, तो उन्हें उत्तर कोरिया की संसद जैसा महसूस होता है। उन्होंने किम जोंग उन के प्रवेश के समय वहां के सदस्यों द्वारा किए जाने वाले व्यवहार का संदर्भ देते हुए कहा, आज यह वन-मैन शो है। सब कुछ प्रधानमंत्री की विदेश नीति और प्रधानमंत्री का बजट है। हर चीज प्रधानमंत्री के इर्द-गिर्द सिमट गई है।

ए आई सीसी महासचिव (संचार) ने कहा कि वह संसद में सबसे पहले पहुँचने और अंत में निकलने वाले सांसदों में से हैं। उन्होंने आरोप लगाया, कभी-कभी मुझे ऐसा आभास होता है कि मैं उत्तर कोरिया की संसद में बैठा हूँ। मैं भाजपा के लोगों को सुनता हूँ। विषय चाहे जो भी हो, उनके भाषण का 90 प्रतिशत हिस्सा केवल प्रधानमंत्री की प्रशंसा में होता है। इसका बिल या विषय से कोई लेना-देना नहीं होता। रमेश ने आगे आरोप लगाया, जब प्रधानमंत्री प्रवेश करते हैं, तो मेज थपथपाना और मोदी, मोदी, मोदी के नारे लगाना—यह भारत की संसद है। उन्होंने कहा कि राष्ट्रीय विजय के क्षणों में भी ऐसे दृश्य दुर्लभ होते थे, लेकिन अब यह सामान्य हो गया है।