अमेरिकी नागरिकों से इजरायल से हटने को कहा
तेल अवीव/वाशिंगटन: मध्य पूर्व (मिडल ईस्ट) में युद्ध के बादल गहराने के साथ ही सुरक्षा स्थिति अत्यंत संवेदनशील हो गई है। अमेरिकी विदेश विभाग ने ईरान द्वारा इज़राइल पर संभावित और आसन्न जवाबी हमले के खतरे को देखते हुए एक उच्च-स्तरीय सुरक्षा चेतावनी जारी की है। इस एडवाइजरी में इज़राइल में मौजूद सभी अमेरिकी नागरिकों को बिना किसी देरी के देश छोड़ने की सख्त सलाह दी गई है। यह कदम ऐसे समय में उठाया गया है जब खुफिया रिपोर्टों ने संकेत दिया है कि ईरान किसी भी क्षण इज़राइली संप्रभुता पर सीधा प्रहार कर सकता है।
अमेरिकी प्रशासन ने केवल चेतावनी ही जारी नहीं की है, बल्कि व्यावहारिक कदम उठाते हुए इज़राइल स्थित अपने दूतावास के गैर-जरूरी अधिकारियों और उनके परिवार के सदस्यों को स्वेच्छा से देश छोड़ने की आधिकारिक अनुमति दे दी है। दूतावास के कर्मचारियों के लिए जारी आंतरिक निर्देश काफी सख्त हैं; उनसे कहा गया है कि वे किसी विशेष चार्टर्ड विमान का इंतज़ार करने के बजाय, उपलब्ध पहली व्यावसायिक उड़ान में अपनी सीट बुक करें।
विदेश विभाग ने स्पष्ट किया है कि गंतव्य चाहे कोई भी हो, प्राथमिकता केवल इज़राइल की हवाई सीमा से सुरक्षित बाहर निकलना है। यह कूटनीतिक हलचल ईरान की उन धमकियों के बाद शुरू हुई है, जिनमें उसने अपने सैन्य कमांडरों की हत्या या राजनयिक परिसरों पर हुए हमलों का प्रतिशोध लेने की बात कही है।
अमेरिकी खुफिया एजेंसियों और पेंटागन के रणनीतिकारों का मानना है कि इस बार ईरान का हमला पहले के मुकाबले अधिक व्यापक हो सकता है। अनुमान है कि ईरान बैलिस्टिक मिसाइलों का बड़े पैमाने पर प्रयोग कर सकता है। आत्मघाती ड्रोन के झुंड के माध्यम से इज़राइल के आयरन डोम को भेदने की कोशिश कर सकता है। अपने क्षेत्रीय सहयोगियों (प्रोक्सी समूहों) के साथ मिलकर एक बहु-आयामी हमला कर सकता है।
अमेरिकी विदेश विभाग ने नागरिकों को चेतावनी दी है कि वे व्यावसायिक उड़ानों के उपलब्ध रहते ही निकल जाएं। विभाग का तर्क है कि यदि पूर्ण-स्तरीय सैन्य संघर्ष शुरू होता है, तो बेन गुरियो हवाई अड्डे सहित प्रमुख हवाई क्षेत्र नागरिक यातायात के लिए बंद किए जा सकते हैं। ऐसी स्थिति में सरकारी स्तर पर निकासी अभियान चलाना सैन्य दृष्टि से जोखिम भरा और कठिन हो जाएगा।
जो अमेरिकी नागरिक वर्तमान परिस्थितियों में इज़राइल में ही रुकने का निर्णय ले रहे हैं, उन्हें दूतावास ने हाइपर-विजिलेंट रहने को कहा है। उन्हें निर्देश दिया गया है कि वे अपने पास पर्याप्त नकदी, दवाइयां और आपातकालीन किट तैयार रखें। साथ ही, उन्हें हर समय सुरक्षित शेल्टरों या बम-रोधी बंकरों के पास रहने की सलाह दी गई है।
स्थानीय होम फ्रंट कमांड के निर्देशों का अक्षरशः पालन करना अब उनके जीवन के लिए अनिवार्य हो गया है। अमेरिका का यह कदम न केवल अपने नागरिकों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए है, बल्कि यह अंतरराष्ट्रीय समुदाय को एक स्पष्ट संकेत भी है कि मध्य पूर्व में स्थिति अब बिंदु-विहीन स्तर पर पहुंच चुकी है। क्षेत्र में तनाव कम करने के तमाम कूटनीतिक प्रयास फिलहाल विफल साबित होते दिख रहे हैं।