Breaking News in Hindi
ब्रेकिंग
CBSE School New Rules: सीबीएसई स्कूलों में सत्र 2026 से बड़ा बदलाव, विद्यार्थियों के लिए बोर्ड ने उठ... Amritsar Excise Raid: अमृतसर के भिंडा सैदां में आबकारी विभाग की बड़ी कार्रवाई, भारी मात्रा में लावार... BJP Leader Threat: भाजपा युवा नेता को मिली जान से मारने की धमकी, विदेशी नंबर से आई कॉल के बाद हड़कंप Haryana Politics: राज्यपाल से मिला कांग्रेस प्रतिनिधिमंडल, हुड्डा ने पूछा- क्यों बुलाया विशेष सत्र? ... Karnal News: टेक्सास की आग में करनाल के 22 वर्षीय युवक की मौत, 'डंकी रूट' से अमेरिका पहुंचा था सुखवि... Charkhi Dadri Fire: चरखी दादरी के खेतों में लगी भीषण आग, कई जिलों की फायर ब्रिगेड ने घंटों की मशक्कत... Rohtak News: लावारिस बच्चे को अपनाया और बना दिया अंतरराष्ट्रीय पहलवान, रोहतक के इस परिवार की हर तरफ ... Luxury Cars Burnt: कूड़े की आग में खाक हुईं करोड़ों की लग्जरी कारें, भीषण लपटें देख इलाके में मची अफ... Latehar News: लातेहार में औरंगा नदी पर बने पुल का अस्तित्व संकट में, पिलर क्षतिग्रस्त होने से आवाजाह... Road Construction Department: सीएम की अधिकारियों के साथ बड़ी बैठक, कनेक्टिंग फ्लाईओवर को लेकर दिए ये...

रूसी हवाई हमलों से यूक्रेन का ऊर्जा ग्रिड ठप्प

दोबारा से कीव और आस पास के इलाकों में बिजली गुल

कीव: यूक्रेन की राजधानी कीव और उसके आसपास के क्षेत्रों में पिछले चार घंटों में हुए रूस के व्यापक मिसाइल और ड्रोन हमलों ने शहर के जीवन को अस्त-व्यस्त कर दिया है। यह हमला ऐसे समय में हुआ है जब अंतरराष्ट्रीय स्तर पर जिनेवा में महत्वपूर्ण उच्च-स्तरीय वार्ताएं आयोजित की जा रही हैं, जिसे सैन्य रणनीतिकार यूक्रेन पर मनोवैज्ञानिक दबाव बनाने की एक सोची-समझी कोशिश मान रहे हैं।

यूक्रेनी ऊर्जा मंत्रालय के आधिकारिक आंकड़ों के अनुसार, रूसी बलों ने इस बार विशेष रूप से बिजली सब-स्टेशनों और महत्वपूर्ण ट्रांसमिशन लाइनों को निशाना बनाया है। इस हमले के कारण कीव के आधे से अधिक हिस्से में ब्लैकआउट की स्थिति उत्पन्न हो गई है। चूंकि वर्तमान में वहां का तापमान शून्य से नीचे है, इसलिए बिजली की आपूर्ति बाधित होने का सीधा असर हीटिंग सिस्टम पर पड़ा है।

आवासीय क्षेत्रों और आवश्यक सेवाओं के लिए हीटिंग का बंद होना मानवीय संकट को और गहरा कर रहा है। सैन्य विशेषज्ञों का कहना है कि इन हमलों में रूस ने नई पीढ़ी की क्रूज मिसाइलों का उपयोग किया है, जो अपनी स्टेल्थ क्षमताओं के कारण रडार को आसानी से चकमा देने में सक्षम हैं।

स्थानीय प्रशासन द्वारा गठित मरम्मत टीमें लगातार काम कर रही हैं, लेकिन हवाई हमलों के सायरन और नए हमलों के निरंतर खतरे के कारण उनका काम बार-बार बाधित हो रहा है। यह हमला न केवल बुनियादी ढांचे को नष्ट करने के लिए है, बल्कि यूक्रेन के नागरिकों के मनोबल को तोड़ने के लिए भी किया गया है।

राष्ट्रपति वलोडिमिर जेलेंस्की ने एक बार फिर अंतरराष्ट्रीय समुदाय का आह्वान करते हुए तत्काल अतिरिक्त वायु रक्षा प्रणालियों की मांग की है। उनका तर्क है कि यदि इन हमलों को रोकने के लिए पर्याप्त सुरक्षा कवच नहीं मिला, तो आने वाले दिनों में यूक्रेन का ऊर्जा बुनियादी ढांचा पूरी तरह ध्वस्त हो सकता है।

जबकि फ्रंटलाइन पर रूस और यूक्रेन के बीच भीषण संघर्ष जारी है, कीव पर यह हमला यह दर्शाता है कि रूस अब युद्ध को केवल सीमा तक सीमित न रखकर उसे नागरिक जीवन और संसाधनों तक विस्तारित कर रहा है। अंतरराष्ट्रीय मंचों पर इस घटना को युद्ध अपराध और अमानवीय रणनीति के रूप में देखा जा रहा है।