खनन विभाग में तैनात अफसर की कमाई देख टीम हैरान
राष्ट्रीय खबर
भुवनेश्वर: ओडिशा सतर्कता विभाग ने भ्रष्टाचार के खिलाफ अपने इतिहास की सबसे बड़ी और चौंकाने वाली कार्रवाई को अंजाम दिया है। राज्य के खदान विभाग के उप निदेशक देबब्रत मोहंती को रिश्वतखोरी के आरोप में गिरफ्तार करने के बाद, विभाग ने उनके विभिन्न ठिकानों पर छापेमारी की, जिसमें रिकॉर्ड तोड़ मात्रा में नकदी बरामद हुई है।
विजिलेंस अधिकारियों के अनुसार, देबब्रत मोहंती को मंगलवार रात एक लाइसेंस प्राप्त कोयला विक्रेता से 30,000 रुपये की रिश्वत लेते हुए रंगे हाथों पकड़ा गया था। इस गिरफ्तारी के तुरंत बाद, सतर्कता विभाग ने एक समन्वित अभियान चलाया और उनके भुवनेश्वर स्थित फ्लैट, भद्रक जिले में उनके पैतृक आवास और कटक स्थित कार्यालय पर एक साथ धावा बोला। छापेमारी के दौरान जो बरामदगी हुई, उसने जांच अधिकारियों को भी स्तब्ध कर दिया।
भुवनेश्वर स्थित उनके निजी फ्लैट से ट्रॉली बैग में भरकर रखे गए 4 करोड़ रुपये नकद बरामद किए गए। यह ओडिशा सतर्कता विभाग के इतिहास में किसी भी भ्रष्ट अधिकारी के ठिकाने से की गई अब तक की सबसे बड़ी नकद बरामदगी है। मोहंती के कार्यालय की दराज से अतिरिक्त 1.20 लाख रुपये नकद मिले। इसके अतिरिक्त, प्रारंभिक जांच में भुवनेश्वर में एक आलीशान दो मंजिला मकान और लगभग 130 ग्राम सोने के आभूषण भी पाए गए हैं।
यह पूरी कार्रवाई भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत की गई है। इस मामले ने 7 अप्रैल, 2022 के उस पुराने रिकॉर्ड को भी पीछे छोड़ दिया है, जब गंजम जिले के एक सहायक इंजीनियर के घर से 3.4 करोड़ रुपये नकद बरामद हुए थे। देबब्रत मोहंती की गिरफ्तारी और उनके पास से मिली भारी-भरकम संपत्ति ने राज्य के प्रशासनिक गलियारों में हलचल मचा दी है। विभाग अब उनकी आय के ज्ञात स्रोतों और बेहिसाब संपत्ति के गहरे नेटवर्क की पड़ताल कर रहा है।