पाकिस्तान सीमा के करीब अधियां गांव में हमला
-
अपरिचित संगठन ने जिम्मेदारी ली है
-
दोनों की हत्या नींद में होने के दौरान
-
हथियार भी ले गये हैं उनके हत्यारे
राष्ट्रीय खबर
चंडीगढ़ः भारत-पाकिस्तान अंतरराष्ट्रीय सीमा के निकट स्थित गुरदासपुर जिले के अधियां गांव में एक दिल दहला देने वाली घटना सामने आई। दोरंगला थाना क्षेत्र के अंतर्गत आने वाले इस गांव में तैनात एक सहायक उप-निरीक्षक और एक होमगार्ड जवान की गोली मारकर हत्या कर दी गई। मृतकों की पहचान एएसआई गुरनाम सिंह और होमगार्ड अशोक कुमार के रूप में हुई है। इस घटना के बाद दो पाकिस्तान समर्थित संगठनों ने सोशल मीडिया पर इस हमले की जिम्मेदारी ली है, हालांकि पुलिस प्रशासन अभी इन दावों की पुष्टि नहीं कर रहा है।
प्रारंभिक जांच के अनुसार, ऐसा प्रतीत होता है कि दोनों पुलिसकर्मियों की हत्या उस समय की गई जब वे सो रहे थे। मौके के हालात बताते हैं कि यह किसी बड़े सुनियोजित हमले के बजाय एक टारगेट किलिंग हो सकता है। घटना की जानकारी तब मिली जब सुबह करीब 8 बजे दोरंगला थाना प्रभारी ने गांव के सरपंच को फोन किया, क्योंकि दोनों पुलिसकर्मी बार-बार फोन करने पर भी जवाब नहीं दे रहे थे। सरपंच ने मौके पर पहुंचकर देखा कि दोनों के शव खून से लथपथ पड़े थे।
घटना की गंभीरता को देखते हुए डीआईजी (बॉर्डर) संदीप गोयल, एसएसपी आदित्य और डीएसपी राजिंदर मन्हास तुरंत मौके पर पहुंचे। इसके बाद पंजाब के पुलिस महानिदेशक गौरव यादव ने भी गुरदासपुर पहुंचकर स्थिति का जायजा लिया। पूरे इलाके को सील कर छावनी में तब्दील कर दिया गया है।
शाम तक सोशल मीडिया पर तहरीक-ए-तालिबान हिंदुस्तान नामक एक अल्पज्ञात संगठन के पोस्टर वायरल हुए, जिसमें इस हत्या की जिम्मेदारी ली गई थी। वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों का कहना है कि पंजाब या भारत के किसी अन्य हिस्से में इस समूह की कोई ज्ञात उपस्थिति नहीं है।
अधिकारियों ने आशंका जताई है कि इस तरह के दावे जांच को भटकाने की रणनीति भी हो सकते हैं। हमलावरों ने दोनों पुलिसकर्मियों के सरकारी हथियार भी छीन लिए हैं, जो किसी बड़ी साजिश की ओर इशारा करते हैं। दोरंगला का यह क्षेत्र पहले भी आतंकी गतिविधियों का केंद्र रहा है, जिसमें 2016 के पठानकोट हमले से जुड़े मार्ग भी शामिल हैं। फिलहाल पुलिस आपसी रंजिश से लेकर सीमा पार आतंकवाद तक, सभी संभावित कोणों से मामले की गहन जांच कर रही है।