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Janakpuri Road Accident News: दिल्ली के जनकपुरी में सड़क हादसे में बच्ची की मौत, समय पर मदद न मिलने से नानी का फूटा गुस्सा

दिल्ली के जनकपुरी इलाके में कार की टक्कर से ई-रिक्शा पलटने के बाद उसमें सवार लोग घायल हो गए थे. इस दौरान रिक्शे में एक बुजुर्ग महिला भी सवार थी जो अपनी नातिन को स्कूल छोड़ने जा रही थी. इस हादसे में बच्ची की मौत हो गई. वहीं अब इस मामले में बच्ची की नानी का बयान सामने आया है. उन्होंने कहा कि जब उनकी नातिन हादसे के बाद खून से लथपथ पड़ी थी, तब उनके गुहार लगाने के बावजूद कोई मदद के लिए नहीं रुका.

पश्चिमी दिल्ली के जनकपुरी में कार की टक्कर से पलटे ई-रिक्शे पर सवार छह साल की बच्ची की मौत को लेकर उसकी नानी ने कहा कि जब उनकी नातिन हादसे के बाद खून से लथपथ पड़ी थी, तब उनके गुहार लगाने के बावजूद कोई मदद के लिए नहीं रुका. 17 फरवरी की सुबह जब यह घटना घटी, तब बुजुर्ग महिला अपनी छह साल की नातिन को स्कूल ले जा रही थी.

बच्ची की नानी मर्सी जेवियर ने कहा कि ई-रिक्शा चालक बहुत धीरे-धीरे गाड़ी चला रहा था. अचानक, एक तेज रफ्तार सफेद रंग की कार ने हमारे ई-रिक्शा को टक्कर मार दी और हम तीनों गिर गए. मैंने कार चालक से विनती की कि वह मेरी बच्ची को अपनी गाड़ी में अस्पताल ले जाए, लेकिन वह भाग गया.

मदद के लिए लगाती रही गुहार

बच्ची की मां ने कहा कि उन्हें अस्पताल के एक कर्मचारी ने फोन पर दुर्घटना के बारे में बताया. इसके बाद उन्होंने सड़क पर मदद के लिए गुहार लगाई लेकिन किसी ने ध्यान नहीं दिया. महिला ने बताया कि उसकी मां ने मदद के लिए तीन-चार गाड़ियों को रोकने की कोशिश की, लेकिन कोई नहीं रुका. एक नर्स ने एक अन्य व्यक्ति की मदद से बच्ची को अस्पताल पहुंचाया. उन्होंने कहा कि अगर मदद जल्दी मिल जाती, तो शायद हालात अलग होते. उन्होंने कहा कि कार तेज रफ्तार में थी.

ई-रिक्शा पलटने से हुआ था हादसा

बच्ची की नानी जेवियर ने बताया कि उस दिन उन्होंने अपनी नातिन को स्कूल बस से जाने के लिए कहा था, लेकिन वह ई-रिक्शा से जाने की जिद पर अड़ी रही. बच्ची ने कहा कि रिक्शा में उसे सीट मिल जाएगी, बस में कभी-कभी जगह नहीं होती. उन्होंने कहा कि मेरा बेटा हाल ही में जर्मनी से लौटा है और वह दिल्ली में लोगों को कानून और नियमों की अनदेखी करते हुए दूसरों की जान खतरे में डालते देखकर हैरान रह गया. मैंने उससे कहा कि यहां यही हाल है.

अपनी नातिन को खुशमिजाज और अच्छे व्यवहार वाली लड़की बताते हुए उन्होंने कहा कि हादसे के हाद से उनका दिल टूट गया है. पीड़ित परिवार की पड़ोसी जॉर्जिना ने कहा कि उसकी नानी उसे स्कूल छोड़ने और लेने जाती थीं. हमने उसे देखा था- वह बहुत हंसमुख थी.

पुलिस ने क्या कहा?

वहीं पुलिस ने बताया था दुर्घटना में घायल होने के बाद बच्ची और उसकी नानी मर्सी जेवियर (57) को शुरू में माता चानन देवी अस्पताल ले जाया गया था और बाद में उन्हें द्वारका के एक उन्नत चिकित्सा केंद्र में स्थानांतरित कर दिया गया, वे लाजवंती गार्डन में रहते हैं. मर्सी जेवियर ने पुलिस को बताया कि 17 फरवरी को सुबह करीब 7 बजे वह अपनी नातिन के साथ ई-रिक्शा से जा रही थीं. जनकपुरी दमकल केंद्र के पास ई-रिक्शा एक कार से टकराकर पलट गया जिससे वे दोनों सड़क पर गिर पड़े और उन्हें गंभीर चोटें आईं.