बर्फ के पहाड़ पर अपनी प्रेमिका को छोड़ आया था
इंसब्रुक: ऑस्ट्रिया की एक क्षेत्रीय अदालत ने एक महत्वपूर्ण फैसले में 37 वर्षीय पर्वतारोही, थॉमस पी., को अपनी प्रेमिका की मृत्यु के मामले में घोर लापरवाही से की गई हत्या का दोषी पाया है। यह मामला पिछले साल ऑस्ट्रिया के सबसे ऊंचे पर्वत ग्रोसग्लॉकनर पर हुई एक दुखद घटना से जुड़ा है, जहाँ एक अनुभवी पर्वतारोही ने अपनी कम अनुभवी साथी को अत्यधिक ठंड में मरने के लिए अकेला छोड़ दिया था।
यह घटना 19 जनवरी 2025 की है। थॉमस अपनी 33 वर्षीय प्रेमिका, कर्स्टिन जी., के साथ पहाड़ की चोटी फतह करने निकले थे। चढ़ाई के दौरान दोनों मुश्किलों में फंस गए। अदालत में पेश किए गए तथ्यों के अनुसार, कर्स्टिन अनुभव के मामले में थॉमस से बहुत पीछे थी। जब मौसम खराब हुआ और परिस्थितियाँ कठिन हो गईं, तो थॉमस कथित तौर पर मदद मांगने के बहाने कर्स्टिन को वहीं छोड़कर चले गए। कड़ाके की ठंड और सुरक्षा के अभाव में कर्स्टिन की जमने के कारण मौत हो गई।
इंसब्रुक क्षेत्रीय अदालत के न्यायाधीश नॉर्बर्ट होफर ने फैसला सुनाते हुए एक कड़ी टिप्पणी की। उन्होंने कहा कि मृतक लड़की पर्वतारोहण के कौशल में थॉमस से कोसों दूर थी और उसने यह भरोसा किया था कि थॉमस उसकी सुरक्षा की जिम्मेदारी उठाएगा। अदालत ने थॉमस को पांच महीने की निलंबित जेल की सजा और 9,600 यूरो (लगभग 11,300 डॉलर) का कुल जुर्माना की सजा सुनायी है।
हालांकि इस अपराध के लिए अधिकतम सजा तीन साल की जेल है, लेकिन अदालत ने थॉमस के पिछले साफ आपराधिक रिकॉर्ड और एक करीबी को खोने के दुख को कम करने वाले कारकों के रूप में देखा। साथ ही, सोशल मीडिया पर हुई आलोचना से आरोपी पर पड़े मानसिक दबाव को भी सजा तय करते समय ध्यान में रखा गया।
थॉमस के वकील कुर्ट जेलिनेक ने इसे एक दुखद दुर्घटना करार दिया और किसी भी गलत काम से इनकार किया। यह फैसला अभी अंतिम नहीं है और इसके खिलाफ अपील की जा सकती है। यह मामला पर्वतारोहण समुदाय के लिए एक नजीर बन सकता है, क्योंकि यह स्पष्ट करता है कि एक अनुभवी पर्वतारोही अपने कम अनुभवी साथी की सुरक्षा के लिए कानूनी रूप से कितना उत्तरदायी है।