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दुनिया देखेगी भारत-ईरान की दोस्ती! ‘स्ट्रेट ऑफ होर्मुज’ के दरवाजे भारत के लिए खुले; ईरानी राजदूत के बयान से चीन और पाकिस्तान की बढ़ी टेंशन

ईरान, अमेरिका और इजराइल के बीच जंग के बीच फारस की खाड़ी में बढ़ते तनाव और समुद्री सुरक्षा को लेकर चिंताओं के बीच, भारत में ईरान के राजदूत मोहम्मद फतहाली ने संकेत दिया कि भारत को होर्मुज स्ट्रेट से सुरक्षित रास्ता मिल सकता है, जो एक जरूरी ग्लोबल शिपिंग रूट है. रिपोर्टर्स से बात करते हुए, राजदूत मोहम्मद फतहाली ने कहा कि इस स्ट्रेटेजिक जलमार्ग से भारत की पहुंच पक्का करने वाले डेवलपमेंट जल्द ही सामने आ सकते हैं.

जब फतहाली से पूछा गया कि क्या भारत को होर्मुज जलडमरूमध्य से सुरक्षित रास्ता मिलेगा, तो उन्होंने कहा, “हां, क्योंकि भारत हमारा दोस्त है. आप इसे दो या तीन घंटे में देखेंगे.”

यह बयान ऐसे समय में आई है जब इस इलाके में चल रहे झगड़े की वजह से फारस की खाड़ी को ग्लोबल मार्केट से जोड़ने वाले पतले कॉरिडोर से होने वाली शिपिंग मूवमेंट पर करीब से नजर रखी जा रही है.

भारत और ईरान के हित एक जैसे… बोले ईरानी राजदूत

जब उनसे सीधे पूछा गया कि क्या भारत होर्मुज स्ट्रेट से सुरक्षित रूप से गुजर पाएगा, तो राजदूत ने संकेत दिया कि अच्छे डेवलपमेंट की उम्मीद है. उन्होंने कहा, “हां, हां, आप भविष्य में ऐसा देख सकते हैं. मुझे लगता है कि दो या तीन घंटे बाद ऐसा होगा.”

फतहाली ने भारत को ईरान के लिए एक जरूरी पार्टनर बताया और इस इलाके में दोनों देशों के साझा हितों की ओर इशारा किया. उन्होंने कहा, हमारा मानना ​​है कि इस इलाके में ईरान और भारत के हित एक जैसे हैं.

भारत-ईरान सहयोग पर पर उन्होंने कहा, “यह हमारा भी दुख है और उनका भी. इसी कारण भारत सरकार हमारी मदद करती है और हमें भी भारत सरकार की मदद करनी चाहिए, क्योंकि हमारे साझा विश्वास और साझा हित हैं. भारत में राजदूत के रूप में हमारा मानना है कि क्षेत्र में हमारे साझा हित हैं. इसी वजह से ईरान के सभी उच्च-स्तरीय अधिकारियों ने भारत में ईरानी दूतावास को निर्देश दिया है कि भारत और ईरान की सरकारों के बीच सहयोग का रास्ता आसान बनाया जाए.”

PM मोदी और ईरान के राष्ट्रपति के बीच बातचीत पर कही ये बात

प्रधानमंत्री मोदी और ईरान के राष्ट्रपति की बातचीत पर पर उन्होंने कहा, “उनकी अच्छी बातचीत हुई. मोदी और पेजेश्कियन मानते हैं कि उन्हें अपनी पूरी कोशिश करनी चाहिए. हम कई बार घोषणा कर चुके हैं कि हम युद्ध नहीं चाहते, लेकिन यदि जरूरत पड़ी तो उसके लिए तैयार हैं. हमने अमेरिका के साथ बातचीत फिर शुरू की थी, लेकिन दुर्भाग्य से वह बातचीत मेज पर ही बाधित और खत्म कर दी गई. अब हम सभी सरकारों से कहते हैं कि ईरान युद्ध नहीं चाहता, लेकिन ईरान उसके लिए तैयार है.

भारत-ईरान संबंधों पर उन्होंने कहा कि भारत सरकार के साथ हमारे अच्छे संबंध हैं. कल सभी उच्च-स्तरीय अधिकारियों के बीच चर्चा हुई. मेरा मानना है कि हमें अल्लाह से दुआ करनी चाहिए कि अलग-अलग क्षेत्रों में आने वाली सभी बाधाएं दूर हों. हमने समस्याओं को सुलझाने की पूरी कोशिश की है और मुझे लगता है कि जल्द ही इस संबंध में अच्छी खबर सुनने को मिलेगी.