Breaking News in Hindi
ब्रेकिंग
Chaitra Navratri Ashtami Bhog: अष्टमी पर मां महागौरी को लगाएं इस खास चीज का भोग, पूरी होगी हर मनोकाम... Baby Massage Oil: शिशु की मालिश के लिए बेस्ट 'लाल तेल' में कौन-कौन सी जड़ी-बूटियां होती हैं? जानें फ... Petrol Diesel Rumor: तेल-गैस की अफवाहों पर सरकार सख्त, सोशल मीडिया से 1 घंटे में हटेगा आपत्तिजनक पोस... UP Petrol Diesel News: गोरखपुर-प्रयागराज में पेट्रोल खत्म होने की उड़ी अफवाह, पंपों पर उमड़ी भारी भी... Ghazipur News: 'हमारी भी शादी करा दे सरकार', गाजीपुर में 1784 कुंवारों की अनोखी गुहार, जानें पूरा मा... Jabalpur Fire Incident: जबलपुर के गेम जोन में वेल्डिंग के दौरान शॉर्ट सर्किट से आग, एक की गई जान Purnia Murder Case: पूर्णिया में खौफनाक वारदात! ड्यूटी से लौट रहे बस ड्राइवर को चाकू से गोदा, 2 पत्न... Indore Crime News: शादी के नाम पर करोड़ों की ठगी, 40 महिलाओं को फंसाने वाला शातिर कैफे से अरेस्ट Lokesh Meena Death Case: अपने ही गोत्र में इश्क करने पर 7 लाख जुर्माना, अब जिंदा जलने से युवक की संद... Bihar Politics: सरकारी कैलेंडर पर मंत्री ने छपवाई परिवार की फोटो, शुरू हुआ विवाद, RJD का हमला

Mahua Moitra: पालतू रॉटवीलर ‘हेनरी’ की कस्टडी के लिए हाईकोर्ट पहुंचीं महुआ मोइत्रा, अप्रैल में होगी अगली सुनवाई

तृणमूल कांग्रेस (TMC) की सांसद महुआ मोइत्रा ने आज गुरुवार को साकेत कोर्ट के उस आदेश के खिलाफ दिल्ली हाई कोर्ट का दरवाजा खटखटाया है, जिसमें उन्हें हेनरी नाम के अपने पालतू रॉटवाइलर कुत्ते की अंतरिम कस्टडी देने से मना कर दिया गया था. हाईकोर्ट मामले की सुनवाई करने को राजी हो गया है और वह अगली सुनवाई 29 अप्रैल को करेगा.

जस्टिस मनोज कुमार ओहरी ने सांसद महुआ मोइत्रा की याचिका पर वकील जय अनंत देहाद्राई को नोटिस जारी किया और इस पर जवाब मांगा. सुनवाई के दौरान जय अनंत देहाद्राई खुद हाईकोर्ट के सामने पेश हुए और कहा कि महुआ मोइत्रा का केस जल्द से जल्द खारिज कर दिया जाना चाहिए. दरअसल, हर महीने 10 दिनों के लिए हेनरी की अंतरिम कस्टडी की मांग वाली महुआ मोइत्रा की अर्जी को साकेत कोर्ट ने पिछले साल 10 नवंबर को खारिज कर दिया था. वह अब इसके खिलाफ हाईकोर्ट पहुंची हैं.

दिल्ली से बाहर जाने पर देखभाल करता था अनंत

ट्रायल कोर्ट के आदेश के खिलाफ हाईकोर्ट में दाखिल अपनी याचिका में, महुआ मोइत्रा ने तर्क दिया कि ट्रायल कोर्ट का आदेश गलत है क्योंकि कोर्ट इस बात पर विचार करने में नाकाम रहा कि हेनरी को उन्हें उनके पालतू जानवर के रूप में “प्यार और देखभाल के लिए दिया गया था, और वह मुख्य रूप से मोइत्रा के घर पर ही रहता था. हालांकि जब वह अपने चुनाव क्षेत्र में अपने काम के लिए बाहर हुई होती थीं तो हेनरी जय अनंत देहाद्राई के पास रहता था.

याचिका में कहा गया कि कोर्ट के आदेश में यह नहीं लिखा है कि डिफेंडेंट/रिस्पॉन्डेंट (जय अनंत देहाद्राई) कुत्ते का मालिक है, और गलत तरीके से यह मानता है कि मालिकाना हक दिखाने के लिए पेमेंट काफी है, जबकि शिकायत के साथ खास सबूत के तौर पर मामला फाइल किया गया है, और इसका खंडन नहीं किया गया कि पालतू जानवर के लिए रिस्पॉन्डेंट ने अपीलेंट की ओर से पेमेंट किया था.

अनंत और मोइत्रा के बीच चल रही कानूनी लड़ाई

आपको बता दें कि जय अनंत देहाद्राई और मोइत्रा पिछले कुछ सालों से कई कानूनी लड़ाइयों में लगे हुए हैं. जय अनंत देहाद्राई ने पहले आरोप लगाया था कि मोइत्रा ने संसद में सवाल पूछने के लिए व्यवसायी दर्शन हीरानंदानी से रिश्वत ली थी. इसके बाद भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) के सांसद निशिकांत दुबे ने भी लोकसभा स्पीकर के समक्ष इस बारे में शिकायत दर्ज कराई थी.

इन आरोपों के आधार पर, लोकसभा आचार समिति ने महुआ को निचले सदन से हटाने का सुझाव दिया, जिसके बाद उन्हें 8 दिसंबर, 2023 को लोकसभा से निष्कासित कर दिया गया. हालांकि उन्होंने आरोपों का खंडन करते हुए कहा कि हीरानंदानी उनके दोस्त हैं और कोई लेन-देन नहीं हुआ है. उन्होंने कहा कि आरोप राजनीतिक बदले की भावना का हिस्सा हैं.

महुआ पर पैसा लेकर सवाल पूछने के आरोप

दूसरी ओर, जय अनंत देहाद्राई और निशिकांत दुबे की ओर से दावा किया गया कि महुआ मोइत्रा ने अपने ऑनलाइन लोकसभा खाते की पूरी पहुंच हीरानंदानी को दे दी, जिन्होंने अपनी पसंद के संसदीय प्रश्न पोस्ट करने के लिए इसका इस्तेमाल किया.

यह आरोप भी लगाया गया कि महुआ मोइत्रा की ओर से संसद में पूछे गए 61 सवालों में से 50 हीरानंदानी की ओर से दिए गए थे. इसके बाद मोइत्रा ने जय अनंत देहाद्राई और निशिकांत दुबे के खिलाफ मानहानि का केस किया. हालांकि, TMC नेता की अंतरिम रोक की अर्जी को हाईकोर्ट ने मार्च 2024 में खारिज कर दिया था. कोर्ट ने माना कि ये आरोप कि महुआ मोइत्रा ने दर्शन हीरानंदानी के साथ अपना पार्लियामेंट्री लॉगिन क्रेडेंशियल शेयर किया और उनसे गिफ्ट लिए, “पूरी तरह झूठे” नहीं थे. हालांकि मामला अभी भी कोर्ट में लंबित है.