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इराक से अमेरिकी सेना की होगी पूर्ण वापसी

राष्ट्रपति ट्रंप और इराक के पीएम ने समय सीमा तय कर दी

एजेंसियां

वाशिंगटन: अमेरिका और इराक के बीच चले आ रहे दो दशक से अधिक के सैन्य संबंधों में एक बड़ा मोड़ आ गया है। मंगलवार को वाशिंगटन में एक ऐतिहासिक घोषणा करते हुए यह स्पष्ट कर दिया गया कि 30 सितंबर, 2026 तक सभी अमेरिकी सैनिक इराक की धरती से वापस लौट आएंगे।

सैन्य सहयोग से आर्थिक साझेदारी की ओर व्हाइट हाउस में इराकी प्रधानमंत्री अली अल-जैदी के साथ संयुक्त प्रेस वार्ता को संबोधित करते हुए अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कहा, हमें अब इराक में सैन्य मौजूदगी की आवश्यकता नहीं है। दोनों देशों के बीच तेल और अन्य क्षेत्रों में मजबूत व्यावसायिक संबंध विकसित हो रहे हैं, जो सैन्य सुरक्षा की जगह ले चुके हैं।

इराकी प्रधानमंत्री अली अल-जैदी ने दुभाषिए के माध्यम से इस फैसले का स्वागत करते हुए कहा कि, 30 सितंबर तक अमेरिकी बल इराक छोड़ देंगे, लेकिन अमेरिकी कंपनियां इराक में अपना निवेश और काम जारी रखेंगी।

23 साल के इतिहास का समापन यह वापसी 2003 में सद्दाम हुसैन के खिलाफ शुरू हुए अमेरिकी आक्रमण (इराक युद्ध) के बाद से इराक में मौजूद अमेरिकी सैन्य अध्याय का अंतिम पृष्ठ साबित होगी। वर्ष 2007 में अपने चरम पर 1,70,000 सैनिकों के साथ शुरू हुई यह यात्रा, 2011 में ओबामा प्रशासन द्वारा लड़ाकू सैनिकों की वापसी और फिर 2014 में इस्लामिक स्टेट (IS) के उदय के बाद गठबंधन सेनाओं के पुन: आगमन के दौर से गुजरी है।

इराकी सेना पर होगा सुरक्षा का जिम्मा पेंटागन ने स्पष्ट किया कि यह कदम 2024 में हुए उस समझौते के अनुरूप है, जिसका उद्देश्य IS के खिलाफ मिशन को समाप्त करना था। पिछले कुछ वर्षों में, अमेरिकी सेना ने धीरे-धीरे अपनी संख्या कम कर दी थी और सुरक्षा की कमान अमेरिकी प्रशिक्षित इराकी सुरक्षा बलों को सौंप दी थी। सितंबर के अंत तक होने वाली यह वापसी मध्य-पूर्व में अमेरिकी सैन्य नीति में एक बड़े रणनीतिक बदलाव के रूप में देखी जा रही है, जहां अब ध्यान कठोर सैन्य शक्ति से हटकर आर्थिक कूटनीति की ओर स्थानांतरित हो गया है।