Breaking News in Hindi
ब्रेकिंग
ममता बनर्जी पर भड़के CM मोहन यादव! बोले- 'राष्ट्रपति का अपमान बर्दाश्त नहीं, तुरंत माफी मांगें दीदी'... छिंदवाड़ा कफ सिरप कांड: 26 मासूमों की जान लेने वालों पर बड़ा एक्शन! अब 2 और डॉक्टर गिरफ्तार, जेल पहु... T20 World Cup के बीच ICC के फैसले से मचा हड़कंप! इन दिग्गज खिलाड़ियों ने की बगावत, बोले- 'जल्द से जल्... 'सूबेदार' देख गदगद हुए शाहरुख खान! अनिल कपूर के लिए लिखा खास मैसेज, बोले- 'झक्कास से भी ऊपर है किंग ... Women's Day 2026 Special: महिलाओं की चमकेगी किस्मत! इन 5 सरकारी स्कीम में लगाएं थोड़ा-थोड़ा पैसा, मै... गर्मी आने से पहले मची लूट! मात्र 19,000 रुपये में घर लाएं 1 Ton AC, बिजली बिल की भी नो टेंशन; जानें ... नाश्ते में पिएं ये 5 प्रोटीन रिच स्मूदी, दिनभर रहेंगे सुपर एनर्जेटिक; वेट लॉस और मसल बिल्डिंग में भी... ट्रंप का 'मिशन ईरान'! बताया कैसे खत्म होगा युद्ध, खामेनेई के बाद अब कौन है हिट लिस्ट में? तेहरान में... Vastu Tips: गलत दिशा में सिर रखकर सोना बना सकता है कंगाल! जानें वास्तु के अनुसार सोने का सही तरीका, ... Iran Oil Depot Attack: तेहरान में भीषण धमाकों से दहला ईरान, ट्रंप की चेतावनी के बाद तेल डिपो को बनाय...

किसान नेताओं से मिले नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी

अमेरिका व्यापार समझौते के खिलाफ देशव्यापी आंदोलन पर चर्चा

  • किसानों से अपनी परेशानियां बतायी

  • जो कुछ सूचना मिली वह देशहित नहीं

  • पंद्रह फरवरी को दर्ज करायेंगे विरोध

राष्ट्रीय खबर

नई दिल्लीः लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने संसद भवन परिसर में कल देशभर के प्रमुख किसान संगठनों के एक प्रतिनिधिमंडल से मुलाकात की। इस उच्च स्तरीय बैठक का मुख्य एजेंडा हाल ही में हुए भारत-अमेरिका अंतरिम व्यापार समझौते के खिलाफ विरोध प्रदर्शनों के लिए समर्थन जुटाना और भविष्य की रणनीति तैयार करना था।

बैठक के दौरान विभिन्न किसान यूनियनों के प्रतिनिधियों ने अमेरिका से कृषि उत्पादों के आयात को लेकर अपनी गहरी चिंता व्यक्त की। किसान नेताओं का कहना है कि यह समझौता भारत के ग्रामीण आर्थिक ढांचे को अस्थिर कर सकता है। विशेष रूप से मक्का, सोयाबीन, कपास, फल और मेवे उगाने वाले किसानों को डर है कि अमेरिकी बाजार से आने वाले सस्ते और सब्सिडी युक्त उत्पादों के कारण उनके स्थानीय उत्पादों के दाम गिर जाएंगे। मध्य प्रदेश के किसान नेता केदार सिरोही ने बताया कि सरकार ने अभी तक इस समझौते के विस्तृत पहलुओं को सार्वजनिक नहीं

मुलाकात के बाद राहुल गांधी ने केंद्र सरकार और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर तीखा हमला बोला। उन्होंने एक आधिकारिक बयान में कहा कि यह समझौता किसानों के साथ “विश्वासघात” है। गांधी ने जोर देकर कहा, यह केवल एक व्यापारिक सौदा नहीं है, बल्कि हमारे अन्नदाताओं की आजीविका पर सीधा हमला है। भारतीय किसान पहले से ही कमरतोड़ महंगाई, बढ़ती लागत और एमएसपी की अनिश्चितता से जूझ रहे हैं। ऐसे में उन्हें भारी सब्सिडी वाले विदेशी उत्पादों के साथ प्रतिस्पर्धा के लिए झोंक देना पूरी तरह अनुचित है।

बैठक में यह निर्णय लिया गया कि इस किसान-विरोधी समझौते के खिलाफ विरोध तेज किया जाएगा। किसान नेताओं ने घोषणा की है कि 15 फरवरी को देश भर में इस व्यापार समझौते की प्रतियां जलाई जाएंगी। राहुल गांधी ने आश्वासन दिया कि वह संसद के भीतर इस मुद्दे को उठाते रहेंगे और सड़क पर होने वाले आंदोलनों में भी कांग्रेस पार्टी पूरी मजबूती से किसानों के साथ खड़ी रहेगी। इस बैठक में 12 किसान संगठनों के 16 प्रमुख नेता शामिल हुए। इसे एक प्रारंभिक बैठक बताते हुए नेताओं ने कहा कि आने वाले दिनों में आंदोलन को धार देने के लिए ऐसी और भी सभाएं की जाएंगी।