Breaking News in Hindi
ब्रेकिंग
राज्यसभा चुनाव में तेज हुआ जोड़ घटाव का खेल Solar Power Plant in Sitapur: रक्षा भूमि पर देश का पहला बड़ा सोलर प्रोजेक्ट; राजनाथ सिंह ने दी मंजूरी Yamuna O-Zone Delhi: यमुना किनारे रहने वालों को बड़ी राहत; बीजेपी सांसदों ने कहा- 'पुरानी बस्तियों पर... PM Modi Historic Record: पीएम मोदी बने देश के सबसे लंबे समय तक निर्वाचित प्रधानमंत्री; नेहरू का रिकॉ... INDIA Alliance Meeting: गठबंधन का पीएम चेहरा तय करने की मांग; संजय राउत बोले- 'अगर मोदी बन सकते हैं ... Bihar Industrial Policy: बिहार में उद्योग लगाना हुआ आसान; 30 दिनों में नहीं मिली मंजूरी तो आवेदन होग... MP Rajya Sabha Election: मीनाक्षी नटराजन का नामांकन रद्द; मध्य प्रदेश की तीनों सीटों पर BJP की जीत प... Baghpat Crime News: बागपत में दिनदहाड़े ताबड़तोड़ फायरिंग; टेंट व्यवसायी के पिता-पुत्र की हत्या, इला... Jaipur Fire Accident: जयपुर की अवैध पटाखा फैक्ट्री में जोरदार धमाका; 7 लोगों की मौत, कई गंभीर Delhi Weather Alert: दिल्ली-NCR में फिर बदलेगा मौसम; 11 जून को 70 किमी की रफ्तार से चलेंगी हवाएं, बा...

Mandi Gate Pass New Rule: ‘नंबर प्लेट नहीं तो गेट पास नहीं’ नियम से भड़के किसान; सरकार के फैसले को बताया ‘तुगलकी फरमान’

जुलाना: कस्बे की नई अनाज मंडी में आज उस समय माहौल गरमा गया जब भारी संख्या में किसानों ने ट्रैक्टरों पर नंबर प्लेट अनिवार्य करने के सरकारी नियम के विरोध में जोरदार प्रदर्शन किया। किसानों ने मंडी परिसर में ही डेरा डाल दिया और सरकार व प्रशासन के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। प्रदर्शनकारियों का साफ कहना है कि जब तक यह “तुगलकी फरमान” वापस नहीं लिया जाता, उनका विरोध जारी रहेगा।

क्या है पूरा विवाद?
हाल ही में प्रशासन द्वारा यह नियम लागू किया गया है कि जिस ट्रैक्टर पर वैध नंबर प्लेट नहीं होगी, उसे मंडी के भीतर प्रवेश नहीं दिया जाएगा। इतना ही नहीं, बिना नंबर प्लेट वाले ट्रैक्टरों के ‘गेट पास’ काटने पर भी रोक लगा दी गई है। इस फैसले ने मंडी में फसल लेकर आने वाले किसानों की मुश्किलें बढ़ा दी हैं।

धरने की अध्यक्षता कर रहे वरिष्ठ किसान नेता कृष्ण ढांडा ने सरकार पर निशाना साधते हुए कहा कि सरकार जानबूझकर ऐसे फैसले ले रही है जिससे अन्नदाता परेशान हो। उन्होंने कहा कि सीजन के बीच में इस तरह का नियम थोपना पूरी तरह अनुचित है। कई छोटे और गरीब किसानों के ट्रैक्टर अभी रजिस्ट्रेशन की प्रक्रिया में हैं या पुरानी मशीनों पर नंबर प्लेट नहीं है। ऐसे में उनकी फसल को मंडी के बाहर रोकना उनके साथ अन्याय है।”

प्रदर्शनकारी किसानों ने बताया कि फसल का पीक सीजन चल रहा है। मंडी में देरी होने का सीधा मतलब है फसल की बर्बादी और आर्थिक नुकसान। किसानों ने मांग की है कि इस नियम को तुरंत शिथिल किया जाए ताकि किसान बिना किसी बाधा के अपनी उपज बेच सकें।