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कई छोटे द्वीपों पर दरार आने की जानकारी मिली है

जापान में 6.4 तीव्रता का भूकंप

टोक्योः जापान के इज़ू द्वीपों के समीप समुद्र के भीतर आए शक्तिशाली भूकंप ने प्रशांत क्षेत्र की भूगर्भीय हलचल को एक बार फिर चर्चा में ला दिया है। 6.4 तीव्रता के इस भूकंप ने न केवल स्थानीय स्तर पर दहशत पैदा की, बल्कि जापान के आधुनिक आपदा प्रबंधन तंत्र की भी कड़ी परीक्षा ली है।

जापानी मौसम विज्ञान एजेंसी के अनुसार, भूकंप का परिमाण रिक्टर स्केल पर 6.4 दर्ज किया गया। इसका केंद्र प्रशांत महासागर में इज़ू द्वीप समूह के पास समुद्र की गहराई में स्थित था। भूकंप की गहराई अधिक होने के बावजूद, इसके झटके इतने प्रभावशाली थे कि उन्हें टोक्यो की गगनचुंबी इमारतों और आसपास के तटीय प्रांतों में स्पष्ट रूप से महसूस किया गया।

जापान दुनिया के सबसे सक्रिय भूकंपीय क्षेत्रों में से एक, रिंग ऑफ फायर पर स्थित है। यह एक ऐसा घोड़ा-नाल के आकार का क्षेत्र है जहाँ प्रशांत महासागरीय प्लेट अन्य टेक्टोनिक प्लेटों से टकराती है। इज़ू द्वीपों के पास की यह हलचल दर्शाती है कि इस क्षेत्र के नीचे की प्लेटें लगातार दबाव में हैं। यही कारण है कि जापान में भूकंपों का आना एक नियमित प्रक्रिया है, लेकिन 6.0 से अधिक की तीव्रता हमेशा चिंता का विषय होती है।

भूकंप के तुरंत बाद, जापानी मौसम विज्ञान एजेंसी ने तटीय क्षेत्रों के लिए सुनामी निगरानी जारी की। हालांकि, समुद्र के स्तर में आए बदलाव विनाशकारी नहीं थे, लेकिन तटीय निवासियों को समुद्र तट से दूर रहने की सलाह दी गई। छोटे द्वीपों पर लहरों की ऊंचाई में मामूली वृद्धि देखी गई, जिससे किसी बड़े जान-माल के नुकसान की खबर नहीं मिली है।

भूकंप के झटकों के कारण इज़ू द्वीप समूह के छोटे गांवों और कस्बों में कई पुराने घरों की दीवारों में दरारें आने की खबरें प्राप्त हुई हैं। सुरक्षा को प्राथमिकता देते हुए, टोक्यो और मध्य जापान के प्रमुख शहरों में शिनकानसेन (बुलेट ट्रेन) और स्थानीय रेल सेवाओं को एहतियात के तौर पर कुछ घंटों के लिए रोक दिया गया। इंजीनियरों ने पटरियों और बिजली की लाइनों की गहन जांच की, जिसके बाद सेवाओं को धीरे-धीरे बहाल किया गया।

पिछले 6 घंटों से स्थानीय आपदा प्रबंधन टीमें और सेल्फ-डिफेंस फोर्सेस हाई अलर्ट पर हैं। जापान का अर्ली वार्निंग सिस्टम सक्रिय है और आने वाले अगले 24 से 48 घंटों में संभावित आफ्टरशॉक्स (भूकंप के बाद के झटके) की निगरानी की जा रही है। स्थानीय प्रशासन ने आश्रय स्थलों को तैयार रखा है और नागरिकों को आपातकालीन किट के साथ तैयार रहने के निर्देश दिए गए हैं।