राज्यसभा में केंद्रीय वित्त मंत्री ने सवालों का उत्तर दिया
राष्ट्रीय खबर
नईदिल्लीः वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने गुरुवार को सामाजिक क्षेत्र की योजनाओं के तहत बजटीय अनुमान की तुलना में संशोधित अनुमान में धन की कटौती को उचित ठहराया। उन्होंने कहा कि सरकार व्यय से अधिक परिणामों और धन के उचित खर्च को प्राथमिकता देती है।
राज्यसभा में बजट पर चर्चा का जवाब देते हुए सीतारमण ने कहा कि सफलता का पैमाना धन का सही उपयोग है। वह विपक्ष के उन सदस्यों की आलोचना का जवाब दे रही थीं, जिन्होंने जल जीवन मिशन, प्रधानमंत्री आवास योजना (ग्रामीण), प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना और समग्र शिक्षा अभियान जैसी योजनाओं में वर्ष 2025-26 के बजटीय अनुमानों में भारी कटौती का हवाला दिया था।
पूर्व वित्त मंत्री पी. चिदंबरम ने सोमवार को कहा था कि विभिन्न ग्रामीण विकास योजनाओं के संशोधित अनुमान में बजटीय अनुमान की तुलना में 53,000 करोड़ की कटौती की गई है। उन्होंने बताया कि कृषि क्षेत्र में 6,985 करोड़ की कमी देखी गई है।
चिदंबरम के अनुसार, ग्रामीण सड़क योजना 7,201 करोड़ की कटौती की गई, जबकि पीएमएवाई (जी) में 22,331 करोड़ की कमी आई। जल जीवन मिशन के तहत 67,000 करोड़ आवंटित किए गए थे, लेकिन संशोधित अनुमान में यह राशि मात्र 17,000 करोड़ है। चिदंबरम ने सवाल उठाया, आप राज्यों को दोष देते हैं लेकिन उन्हें पैसा क्यों नहीं देते? इस कटौती का कोई स्पष्टीकरण तक नहीं है।
इसके जवाब में सीतारमण ने कहा कि तकनीक के उपयोग से सरकार के पास अब स्पष्ट तस्वीर होती है कि केंद्र द्वारा जारी की गई कितनी राशि खर्च की गई है। उन्होंने स्पष्ट किया, पैसा तभी भेजा जाता है जब उसकी आवश्यकता होती है। हम आँख बंद करके पैसा जारी नहीं करते। फंड को रोका नहीं जा रहा है, बल्कि यह करदाताओं को आश्वासन है कि हर रुपये का हिसाब रखा जा रहा है। केंद्र का फंड नकदी का कोई मुफ्त पूल नहीं है।