लीबिया में सैन्य विमान हादसा की वजह तकनीकी गड़बड़ी
त्रिपोली: उत्तरी अफ्रीकी राष्ट्र लीबिया के पूर्वी क्षेत्र से एक अत्यंत दुखद और चिंताजनक समाचार प्राप्त हुआ है। लीबियाई वायु सेना का एक सैन्य हेलीकॉप्टर, जो एक महत्वपूर्ण टोही मिशन पर था, अचानक दुर्घटनाग्रस्त हो गया। इस भीषण हादसे में हेलीकॉप्टर में सवार सभी 5 सैन्य अधिकारियों की मौके पर ही मृत्यु हो गई।
इस घटना ने लीबिया के रक्षा मंत्रालय और वायु सेना के शीर्ष नेतृत्व को गहरे शोक में डाल दिया है। प्रारंभिक जांच रिपोर्टों और रडार डेटा के अनुसार, हेलीकॉप्टर देश के पूर्वी हिस्से के अशांत और पहाड़ी क्षेत्र के ऊपर से गुजर रहा था, तभी इसका संपर्क बेस कंट्रोल रूम से टूट गया। दुर्घटना का प्राथमिक कारण अचानक आई गंभीर तकनीकी खराबी और क्षेत्र में छाए घने कोहरे व खराब मौसम को माना जा रहा है। विशेषज्ञों का कहना है कि कम दृश्यता के कारण पायलट को आपातकालीन लैंडिंग का मौका नहीं मिला होगा।
मारे गए अधिकारियों में दो कर्नल रैंक के अत्यंत अनुभवी पायलट शामिल थे। इन अधिकारियों को लीबियाई वायु सेना का मुख्य स्तंभ माना जाता था, जिनके पास जटिल युद्ध क्षेत्रों में उड़ान भरने का दशकों का अनुभव था। उनके साथ तीन अन्य तकनीकी और रणनीतिक अधिकारी भी मौजूद थे। रक्षा मंत्रालय ने एक आधिकारिक बयान जारी कर कहा है कि इन बहादुर सैनिकों का बलिदान देश की संप्रभुता और सुरक्षा की रक्षा के प्रयासों में हमेशा याद रखा जाएगा।
यह हादसा ऐसे संवेदनशील समय में हुआ है जब लीबिया अपने आंतरिक विखंडन को समाप्त करने और विभिन्न सशस्त्र गुटों के बीच एक स्थायी शांति समझौता लागू करने की प्रक्रिया में है। वायु सेना की टोही क्षमताएं सीमा पार से होने वाली घुसपैठ और उग्रवादी गतिविधियों को रोकने के लिए महत्वपूर्ण हैं।
हालाँकि प्रारंभिक साक्ष्य इसे एक तकनीकी दुर्घटना बता रहे हैं, लेकिन सरकार ने किसी भी संभावना को खारिज नहीं किया है। रक्षा मंत्रालय द्वारा गठित एक ‘उच्च स्तरीय जांच समिति’ इस बात की गहराई से पड़ताल करेगी कि क्या इस हादसे के पीछे कोई बाहरी साजिश या तोड़फोड़ शामिल थी। जांच दल को दुर्घटनास्थल से ब्लैक बॉक्स और मलबे के अवशेषों का विश्लेषण करने का निर्देश दिया गया है।