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लापरवाही की हद: अधिकारियों की सुस्ती से अंधेरे में डूबा ‘सखी’ केंद्र, 2 दिनों से ठप है कार्यालय का काम

रेवाड़ी:  महिला सुरक्षा और सहायता के लिए बनाए गए वन स्टॉप सेंटर ‘सखी’ में अधिकारियों की लापरवाही अब खुलकर सामने आ गई है। समय पर बिजली बिल का भुगतान न होने के कारण विद्युत विभाग ने केंद्र का कनेक्शन काट दिया, जिससे पिछले दो दिनों से पूरा कार्यालय अंधेरे में डूबा हुआ है। जानकारी के अनुसार 15 अगस्त से 10 जनवरी 2026 तक का 21 हजार 377 रुपये का बिजली बिल बकाया था। बावजूद इसके जिम्मेदार अधिकारियों ने इसे गंभीरता से नहीं लिया।

नतीजतन विभाग ने कार्रवाई करते हुए बिजली आपूर्ति बंद कर दी। बिजली कटने से कर्मचारियों के कंप्यूटर ठप पड़े हुए हैं। डाटा फीडिंग, केस अपडेट और महिलाओं से जुड़े जरूरी रिकॉर्ड का काम पूरी तरह प्रभावित हो गया है। इससे पीड़ित महिलाओं को समय पर मदद मिलना भी मुश्किल हो गया है। पहले ही राज्य महिला आयोग हरियाणा की चेयरपर्सन रेनू भाटिया द्वारा भवन को शिफ्ट करने और महिला पुलिस कर्मी की तैनाती के निर्देश दिए जा चुके हैं, लेकिन इन आदेशों पर अब तक कोई अमल नहीं हुआ।

अब बिजली संकट ने प्रशासनिक उदासीनता को और उजागर कर दिया है। महत्वपूर्ण यह भी है कि महिला कल्याण से जुड़ा यह केंद्र लंबे समय से संसाधनों की कमी और अनदेखी का शिकार रहा है। जिम्मेदार अधिकारी केवल औपचारिकताओं तक सीमित नजर आ रहे हैं। अब सवाल यह है कि जब महिला सुरक्षा जैसे संवेदनशील मुद्दे से जुड़ा केंद्र ही लापरवाही का शिकार होगा, तो पीड़ितों को न्याय और सहायता कैसे मिलेगी। स्थानीय स्तर पर मांग की जा रही है कि मामले की जांच कर जिम्मेदार अधिकारियों पर कार्रवाई हो और जल्द से जल्द बिजली बहाल कर केंद्र को सुचारु किया जाए।