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कोसोवो के पूर्व राष्ट्रपति के लिए 45 साल की सजा की मांग

अंतर्राष्ट्रीय अभियोजकों ने हेग में खास बड़ी सजा सुनायी

हेग: कोसोवो की स्वतंत्रता के नायक से लेकर अंतरराष्ट्रीय अदालत के कटघरे तक का सफर तय करने वाले हाशिम थाची के खिलाफ कानूनी शिकंजा कस गया है। हेग स्थित कोसोवो स्पेशलाइज्ड चैंबर्स में मुख्य अभियोजक किम्बर्ली वेस्ट ने थाची के लिए 45 साल के कारावास की मांग की है। यह सजा न केवल थाची के व्यक्तिगत भविष्य को प्रभावित करेगी, बल्कि 1990 के दशक के बाल्कन युद्धों की विरासत पर भी अंतिम मुहर लगाएगी।

थाची और उनके तीन सहयोगियों (कादरी वेसेली, रेसेप सेलिमी और जकुप क्रास्निकी) पर 1998-99 के युद्ध के दौरान कोसोवो लिबरेशन आर्मी के नेतृत्व में किए गए गंभीर अपराधों के आरोप हैं। अभियोजन पक्ष का दावा है कि थाची ने कम से कम 102 हत्याओं और सैकड़ों लोगों के उत्पीड़न का आदेश दिया था। पीड़ितों में न केवल सर्बियाई नागरिक शामिल थे, बल्कि वे अल्बेनियाई मूल के कोसोवो वासी भी थे, जिन्हें केएलए सहयोगी या राजनीतिक प्रतिद्वंद्वी मानती थी। साक्ष्यों के अनुसार, युद्ध के दौरान गुप्त हिरासत केंद्रों का एक नेटवर्क संचालित किया गया था, जहाँ निर्दोषों को अमानवीय यातनाएं दी गईं।

हाशिम थाची को युद्ध के दौरान उनके गुरिल्ला नाम द स्नेक से जाना जाता था। वे कोसोवो की आजादी के संघर्ष के सबसे प्रमुख चेहरे थे और देश के पहले प्रधानमंत्री व बाद में राष्ट्रपति बने। 2020 में राष्ट्रपति पद पर रहते हुए जब उन पर युद्ध अपराधों के आरोप तय हुए, तो उन्होंने गरिमा बनाए रखने के लिए तुरंत इस्तीफा दे दिया और खुद को अंतरराष्ट्रीय अदालत को सौंप दिया।

थाची ने स्वयं को हमेशा निर्दोष बताया है। उनके वकीलों का कहना है कि केएलए का संघर्ष एक दमनकारी शासन के खिलाफ आत्मरक्षा थी और इन अपराधों के लिए कमांडरों को व्यक्तिगत रूप से जिम्मेदार नहीं ठहराया जा सकता। इस मुकदमे ने कोसोवो के भीतर एक बड़ा सामाजिक विभाजन पैदा कर दिया है।

कोसोवो के अधिकांश नागरिक केएलए को मुक्तिदाता मानते हैं। उनके लिए यह मुकदमा सर्बियाई अत्याचारों को भूलकर स्वतंत्रता सेनानियों को अपराधी बनाने की कोशिश है। हेग की इस विशेष अदालत का तर्क है कि न्याय तभी पूर्ण होगा जब सभी पक्षों द्वारा किए गए अपराधों की जवाबदेही तय होगी, चाहे वे विजेता ही क्यों न हों। इस मामले में अंतिम बहस 18 फरवरी 2026 तक जारी रहेगी। इसके बाद न्यायाधीशों का पैनल अपना फैसला सुरक्षित रख लेगा। यह फैसला बाल्कन क्षेत्र में भविष्य के सुलह और न्याय की दिशा तय करने में निर्णायक भूमिका निभाएगा।